यहाँ चीनी दूतावास में घुसने का प्रयास करने वाले 120 से अधिक तिब्बतियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि नेपाल सरकार ने उन खबरों को आधारहीन बताते हुए खारिज किया है कि तिब्बत से लगी सीमा पर उसके इलाके में चीनी सुरक्षा एजेंट तैनात किए गए हैं।
करीब दो सौ लोगों ने आजादी समर्थक नारे लगाते हुए कड़ी सुरक्षा वाले नेपाल स्थित चीनी दूतावास में घुसने का प्रयास किया, लेकिन लाठियों से लैस पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। नेपाल में लगभग हर दिन तिब्बती विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन प्रदर्शनों की शुरुआत 10 मार्च को ल्हासा में चीन के शासन के बाद हुई। पुलिस ने कहा कि 46 महिलाओं सहित 122 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कुछ प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी इस दौरान घायल भी हुए। नेपाल की सरकार आधिकारिक तौर पर एक चीन नीति को मान्यता देती है और तिब्बत को देश का अभिन्न हिस्सा स्वीकार करती है।
इस बीच नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीनी सुरक्षा एजेंटों के उसकी जमीन पर तैनात होने की बात पूरी तरह असत्य, आधारहीन और नेपाल की छवि को धूमिल करने का पूर्व नियोजित प्रयास है।
तिब्बती जनता की आजादी की माँग को लेकर राजधानी काठमांडू के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन करने वाले दर्जनों तिब्बतियों को नेपाली सुरक्षाकर्मियों ने हिरासत में लिया है।
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