माँ बनना सदा से फख्र की बात रही है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से माँ बनने की निशानियों को छिपाना फख्र की बात माना जाने लगा है। इन दिनों एक नया चलन तेजी से बढ़ता जा रहा है। यूँ तो प्लास्टिक सर्जरी कराने का रुझान काफी पहले से चला आ रहा है, परंतु माँ बनने के बाद अपने पुराने फिगर को हासिल करने के लिए महिलाएँ तेजी से प्लास्टिक सर्जरी कराने लगी हैं।
सेलिब्रिटी माताओं से शुरू हुआ यह चलन अब आम महिलाओं में भी आता जा रहा है। तेजी से वजन घटाने की आकांक्षा में ये महिलाएँ सब उपाय करने को तैयार हैं। इसमें भी पैकेज बने हुए हैं। शरीर के हर अंग के लिए उपचार कराया जा रहा है। महिलाएँ मैलीनी क्लास, एलिजाबेथ हर्ले और विक्टोरिया बैकहम द्वारा माँ बनने के बाद कराए उपचार से प्रेरित हुई हैं।
जब इन महिलाओं को लगा कि कम खाकर और व्यायाम करने पर भी यथोचित फिगर नहीं आ रहा है तो उन्होंने प्लास्टिक सर्जरी करा ली।
अमेरिका में तो स्थिति और भी खतरनाक है। यहाँ पर माँ जल्दी बनने के लिए ऑपरेशन करा लिया जाता है और तत्काल पेट पर प्लास्टिक सर्जरी करा ली जाती है, ताकि वे चिरयौवना बनी रहें।
ये महिलाएँ चाहती हैं कि उन्हें पेट में ज्यादा समय तक अपने जिगर के टुकड़े को न रखना पड़े इसलिए वे ऑपरेशन कराकर उससे समय से पहले छुटकारा पा लेती हैं।
सर्जीकेयर के मुख्य कार्यकारी मार्क बरी का कहना है कि 30 साल की महिला 20 साल की और 40 साल की महिला 30 साल की दिखना चाहती है। वे कहते हैं कि मेरी कंपनी बच्चे के जन्म के 6 माह तक किसी महिला की सर्जरी नहीं करते हैं। यहाँ तक कि यह खतरनाक है, क्योंकि स्तन की प्लास्टिक सर्जरी से वे बच्चे को दूध नहीं पिला सकती हैं।
ब्रिटिश एसो. ऑफ एस्थेटिक प्लास्टिक सर्जंस के अध्यक्ष डगलस मॅकजॉर्ज कहते हैं कि हम कभी भी यह सिफारिश नहीं करते कि बच्चा होने के सालभर बाद तक भी कोई कॉस्मेटिक सर्जरी कराए। कायदे से इसके लिए तब तक रुकना होता है, जब कि कि स्तन और पेट के ऊतक सामान्य रूप से सिकुड़ नहीं जाते हैं और अपनी यथास्थिति पर नहीं आ जाते।
पिछले साल ब्रिटेन में इस तरह के 35 हजार ऑपरेशन हुए हैं। ये ऑपरेशन तो केवल ब्रिटिश एसो. ऑफ एस्थेटिक प्लास्टिक सर्जंस द्वारा ही किए गए हैं, जिसमें केवल तीन डॉक्टर हैं, जबकि अनुमान यह है कि पूरे ब्रिटेन में करीब 1 लाख महिलाओं ने इस तरह के ऑपरेशन कराए हैं। (नईदुनिया)
|