इराक के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने बसरा में सुरक्षाकर्मियों के साथ संघर्षरत लड़ाकों को 72 घंटों का अल्टीमेटम देते हुए आज कहा कि वे या तो भीतर आत्मसमर्पण करें या फिर कड़ी सजाएँ भुगतने को तैयार रहें।
मलिकी ने यह अल्टीमेटम सरकारी टेलीविजन पर अपने संबोधन में दिया। इराकी प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने हथियार थाम रखे हैं वे या तो 72 घंटों के भीतर हथियार डाल दें और दोबारा ऐसी गतिविधियों में संलग्न होने लिखित आश्वासन दें या फिर कड़ी सजाएँ भुगतने को तैयार रहे।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि बसरा में छापामारों के खिलाफ सेना के कल से जारी अभियान को देखते हुए इराक के दक्षिणी हिस्से के बहुत से शहरों में रात का कर्फ्यू लगा दिया गया था। बसरा के पाँच जिलों में लड़ाकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पे आज तड़के फिर से शुरू हो गईं। इराकी सुरक्षा बलों की चौकियों और अड्डों पर मोर्टार और रॉकेट हमले आए दिन होते रहते हैं।
सुरक्षा बलों के कमांडर मेजर जनरल अली जैदान ने बताया कि छापामारों के खिलाफ छेड़े गए अभियान के तहत सुरक्षाकर्मियों ने पहले ही दिन 30 से ज्यादा विद्रोहियों को मार गिराया। करीब 25 को घायल कर दिया और करीब 50 को गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने बताया कि सैन्य अभियान जारी है और जब तक लक्ष्य पूरा नहीं होता तब तक कार्रवाई जारी रहेगी। उत्तरी बसरा में आज तड़के सडक के किनारे हुए एक बम विस्फोट में एक कार में सवार सभी लोग मारे गए।
बसरा के अब्बास नाम के एक निवासी ने बताया कि शहर से गोलियाँ चलने की आवाजे आ रही हैं और कुछ धमाके भी सुने गए हैं। अब्बास ने बताया कि उसने कुछ छापामारों को सड़क पर बम लगाते देखा है।
उधर बगदाद के सद्र शहर में भी हिंसा का तांड़व जारी है। मरने वालों में बच्चे महिलाएँ भी शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक अली बस्तान ने बताया कि हिंसा में कम से कम 8 व्यक्ति मारे गए और 70 घायल हो गए। उन्होंने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है क्योंकि अमेरिकी सेना के जवान उन्हें शहर में दाखिल होने की इजाजत नहीं दे रहे।
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