सिच्वान प्रांत में फिर से आजादी समर्थक प्रदर्शनों के तेज होने के बाद भड़की ताजा हिंसा में एक पुलिस अधिकारी की मौत और कई अन्य के घायल होने के बाद चीन ने मंगलवार को बौद्ध मठों पर कड़े नियंत्रण का संकल्प दोहराया।
सिच्वान प्रांत के गारजे इलाके में कल यह हिंसा भड़की। ऐसे समय जब तिब्बत और उसके आसपास के इलाकों में चीन बौद्ध भिक्षुओं के नेतृत्व में एक पखवाडे़ से चले आ रहे आजादी समर्थक विरोध से निपटने में लगा है।
एक स्थानीय अधिकारी ने बताया कि चाकू और पत्थर लिए भीड़ ने कल पुलिस अधिकारियों पर गारजे में हमला किया। हमले में एक की मौके पर मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हो गए।
तिब्बत सपोर्ट ग्रुप नामक एक मानवाधिकार संगठन की एक अपुष्ट रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गारजे में एक बौद्ध भिक्षु और एक किसान भी मारा गया है, जबकि दस अन्य घायल हुए हैं।
अधिकारियों ने दावा किया है कि 381 लोगों ने तिब्बती बहुल इलाके सिच्वान में आत्मसमर्पण किया है। इनमें अधिकांश भिक्षु हैं। ल्हासा में दंगे भड़कने के बाद पिछले हफ्ते यहाँ पुलिस फायरिंग में चार व्यक्ति घायल हुए थे।
इस बीच सरकारी तिब्बत डेली ने मंगलवार को खबर दी कि चीन के जनसुरक्षा मामलों के मंत्री मेंग च्यानझू ने कानून व्यवस्था का जायजा लेने के लिए ल्हासा का दौरा किया और तिब्बती बौद्ध मठों में कड़ा प्रबंधन लागू करने की बात कही।
मेंग ने कहा तिब्बती बौद्ध संस्कृति चीनी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन किसी भी धर्म को संविधान और कानून के दायरे में रहना चाहिए और प्रशासन न्यायपालिका शिक्षा आदि में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
मेंग का बयान दर्शाता है कि तिब्बत गान्सू छिंगहाए तथा सिच्वान प्रांतों के मठों में चीन एक और राजनीतिक शिक्षा अभियान चला सकता है। यह सभी प्रांत हाल के दंगों में प्रभावित रहे।
चीन तिब्बत के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा को हाल की अशांति के लिए जिम्मेदार ठहराता रहा है। तिब्बत में चीनी शासन के खिलाफ 1959 के विफल विद्रोह की सालगिरह के अवसर पर शुरू हुए आजादी समर्थक प्रदर्शनों के बाद भड़की हिंसा में कम से कम 19 व्यक्ति मारे जा चुके हैं और करीब 700 लोग घायल हो गए।
तिब्बत के निर्वासित राजनीतिक नेता सामघोंग रिनपोचे ने दो हफ्ते के विरोध प्रदर्शन के बाद चीनी कार्रवाई में मरने वालों की संख्या 130 होने का दावा किया है।
उधर अमेरिका और कुछ पश्चिमी देशों ने चीनी सरकार से दलाई लामा के साथ सीधी बातचीत का आग्रह किया है। अमेरिकी विदेशमंत्री कोंडालीजा राइस ने कल कहा था कि चीन को दलाई लामा से प्रत्यक्ष बातचीत करनी चाहिए।
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