पाकिस्तान की नई गठबंधन सरकार ने संकेत दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ जंग में अमेरिकी रुख के आगे घुटने नहीं टेकेगी। पूर्व प्रधानमंत्री एवं पीएमएलएन प्रमुख नवाज शरीफ ने मंगलवार को कहा कि सभी राष्ट्रीय नीतियों पर फैसला करने के मामले में संसद सर्वोच्च निकाय होगी।
शरीफ ने एक बार फिर राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ से आह्वान किया कि वह इस्तीफा दे दें और देश की नई संसद पर बोझ न बनें। पीएमएलएन देश में पीपीपी के नेतृत्व में बनी नई गठबंधन सरकार का हिस्सा है। शरीफ ने कहा कि मैं एक बार फिर मुशर्रफ को सलाह दूँगा कि वे जनता के जनादेश को स्वीकार करें और अपने पद से इस्तीफा दे दें।
मुशर्रफ ने 1999 में रक्तहीन तख्ता पलट के जरिये शरीफ को सत्ता से बेदखल किया था। उन्होंने अमेरिकी उप विदेशमंत्री जॉन नीग्रोपोंट तथा सहायक विदेशमंत्री रिचर्ड बाउचर से यहाँ मुलाकात के बाद संवाददाताओं से ये बातें कहीं।
शरीफ ने कहा पाकिस्तानी लोकतंत्र और जनता की भलाई इस बात में है कि मुशर्रफ नई संसद पर बोझ न बनें। नई असेंबली को नया राष्ट्रपति चुनने का अवसर दिया जाना चाहिए।
शरीफ ने कहा कि उन्होंने नीग्रोपोंट तथा बाउचर से कहा कि मुशर्रफ एक असंवैधानिक और अवैध राष्ट्रपति हैं और जनता ने उनके खिलाफ स्पष्ट फैसला दिया है। पीएमएलएन प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान पूरी दुनिया में शांति देखना चाहता है, लेकिन वह ऐसा अपनी सुरक्षा की कीमत पर नहीं चाहता।
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