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परमाणु करार पर बुश और मुखर्जी की चर्चा
विदेशमंत्री प्रब मुखर्जी ने यहाँ व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने असैनिक परमाणु करासमेत तमाम अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

सोमवार की दोपहर बाद ओवल आफिस में हुई 35 मिनट की इस मुलाकात को ऐसी मुलाकात करार दिया गया है जो शानदार और सद्भावनापूर्ण रही।

बताया जाता है कि बुश और मुखर्जी ने न केवल शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया, बल्कि काफी गहराई और विस्तार से भारत और अमेरिका के संबंधों पर चर्चा की, जिसमें परमाणु करार भी शामिल था।

बुश और मुखर्जी के बीच हुई मुलाकात की विस्तृत जानकारी मीडिया को उपलब्ध नहीं कराै, लेकिन केवल इतना बताया गया है कि भारतीय मंत्री इसके बारे में खुद आज एक संवाददाता सम्मेलन में जानकारी देंगे। दोनों नेताओं की मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आप विदेशमंत्री से हइस बारे में जानेंगे।

विदेशमंत्री के अलावा ओवल आफिस में भारतीय राजदूत रोनेन सेन, विदेश सचिव शिवशंकर मेनन, यहाँ भारतीय मिशन के उपप्रमुख रामिंदरसिंह जस्सल तथा विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (अमेरिका) गायत्री कुमार भी मौजूद थे।

उधर बुश के साथ उनकी विदेशमंत्री कोंडोलिजा राइस तथा उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्टीफन हेडली थे। कल राइस और मुखर्जी के बीच भी रात्रिभोज पर एक और महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें दोनों शीर्ष नेताओं ने विस्तार से बातचीत की।

राइस और मुखर्जी दोनों ने ही विदेश विभाग में मीडिया को बताया कि कल हुई उनकी मुलाकात मूल रूप से दोनों पक्षों से समान रूप से जुड़े क्षेत्रीय मुद्दों तक ही सीमित रही थी तथा शाम की मुलाकात में परमाणु समझौते सहित काफी कुछ पर चर्चा होने का कार्यक्रम था।

अमेरिकी विदेशमंत्री ने मुखर्जी से मुलाकात के बाद कहा था‍ कि हम इस समझौते पर काम करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय अब आईएईए से बातचीत की प्रक्रिया में हैं और हम इस प्रक्रिया का अनुसरण करेंगे और इस मुद्दे पर आगे विचार-विमर्श होगा। विदेशमंत्री के नाते प्रणब मुखर्जी की यह पहली अमेरिका यात्रा है।
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