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आधी जिंदगी गुजरी सलाखों के पीछे
दो दशक से भी ज्यादा समय सलाखों के पीछे गुजारते हुए विली अर्ल ग्रीन ने अपनी शिक्षा पर काफी मेहनत की और हत्या के मामले में खुद को बेकसूर बताने की कोशिशों को छोड़ा नहीं। उस पर एक अकेली महिला की हत्या का आरोप था।

अभियोजन पक्ष का एकमात्र गवाह चार साल पहले सामने आया और उसने कहा कि यह निश्चित नहीं है कि उसने सही व्यक्ति की पहचान की है। बीते सप्ताह न्यायाधीश ने ग्रीन के आरोप वापस लिए। इसके बाद भी इस 56 वर्षीय व्यक्ति ने आधी जिंदगी कैद में बिताई।

ग्रीन ने कहा मुझे गलत दोषी ठहराया गया। मैं अब बाहर हूँ और खुश हूँ। यह मेरे साथ हुआ सबसे अच्छा वाकया है। केंटन के मिसिसिप्पी के पूर्व वाहन चालक ने कहा कि उसे हिरासत के दौरान अर्जित उपलब्धियों को लेकर गर्व है। उसने सेन क्यूएंटिन में कैदी साथियों को गणित भी पढ़ाया।

ग्रीन ने कहा कि मैं बेहतर महसूस कर रहा हूँ। मैंने कॉलेज से उपाधि प्राप्त कर ली है और गर्व महसूस कर रहा हूँ। मैं अब स्तन कैंसर से पीड़ित अपनी पत्नी के साथ समय बिताना चाहता हूँ।

क्या उसका बिना अपराध किए इतने वर्ष सलाखों के पीछे बिताना न्याय प्रणाली का दोष था? ग्रीन ने कहा कि जिस व्यवस्था के कारण उसे जेल जाना पड़ा, उसी व्यवस्था ने उसे बाहर निकाला। ग्रीन को नशीले पदार्थ का वितरण और हत्या के आरोप में दोषी करार दिया गया था।
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