बांग्लादेश और भारत को ढाका-कोलकाता के बीच 14 अप्रैल से सीधी ट्रेन सेवा शुरू होने की उम्मीद है। 14 अप्रैल को ही बंगाली नववर्ष 'पहला फाल्गुन' की शुरुआत होती है।
भारतीय उच्चायुक्त पिनाक रंजन चक्रवर्ती ने अंतरिम कैबिनेट के संचार सलाहकार सेवानिवृत्त मेजर जनरल गुलाम कादिर से मुलाकात के बाद बताया कि हम ढाका-कोलकाता यात्री ट्रेन सेवा को पहला फाल्गुन से शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। हमारे रेलमंत्री पहले ही संसद में तारीख की घोषणा कर चुके हैं।
चक्रवर्ती ने उम्मीद जताई कि कुछ ढाँचागत कामकाज जो अभी पूरा होना बाकी है, उसे जल्द ही समाप्त कर लिया जाएगा तथा 'मोइत्री एक्सप्रेस' यात्री ट्रेन सेवा ढाका और पश्चिम बंगाल की राजधानी के बीच शुरू हो सकेगी। यह सेवा सप्ताह में एक बार होगी।
बांग्लादेशी संचार मंत्रालय के अधिकारियों ने हालाँकि कहा कि दोनों देशों के रेलवे अधिकारियों के बीच अनुपूरक सौदा होने के बाद तारीख की औपचारिक घोषणा की जाएगी। इस सौदे पर ढाका में एक अप्रैल से शुरू होने वाली तीन दिवसीय द्विपक्षीय वार्ता में हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है।
संचार सचिव महबूब उर रहमान ने बताया कि हम पहले ही दो परीक्षण संचालित कर चुके हैं और इनमें कोई समस्या नहीं आई है। सेवा शुरू करते हैं। यदि कोई समस्या आती है तो उसे दूर किया जा सकता है।
इससे पूर्व अधिकारियों ने ढाका में कहा था कि वे अब ढाका-कोलकाता ट्रेन सेवा शुरू करने के लिए भारत की ओर से हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि अंतरिम सरकार की सलाहकार परिषद ने पिछले माह भारत के उस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया था, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्र की जीरो लाइनों पर बाक्स आकार की बाड़ के निर्माण की बात कही गई थी।
प्रस्तावित समझौते के अनुसार ढाका भी बांग्लादेश में सीमा के समीप इसी प्रकार के ढाँचे का निर्माण करेगा। गौरतलब है कि तस्करी पर निगरानी रखने के लिए सीमा पर मुक्त क्षेत्र के 150 यार्ड के भीतर भारत द्वारा धातु के पिंजरों के निर्माण के प्रस्ताव को लेकर दोनों देशों के बीच रेल संपर्क शुरू होने का मामला अधर में लटका हुआ था। बांग्लादेश इस पर आपत्ति जता रहा था।
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