विदेशमंत्री प्रणब मुखर्जी दो दिवसीय यात्रा पर अमेरिका पहुँचे। इस यात्रा की बातचीत के दौरान असैनिक परमाणु करार का मुद्दा मुख्य रूप से छाए रहने की संभावना है।
इस यात्रा के दौरान प्रणब मुखर्जी अमेरिकी विदेशमंत्री कोंडोलिजा राइस से भारतीय समय के अनुसार शाम के सवा छह बजे मिलेंगे।
इसके अलावा उनका व्हाइट हाउस जाकर राष्ट्रपति बुश से मिलने का कार्यक्रम है। इसके साथ ही वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्टीफन हेडली से भी मिलेंगे।
बुश और मुखर्जी के बीच यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है और इस दौरान भारत और अमेरिका के बीच संबंधों का विस्तार करने और उसके व्यापक बनाने पर चर्चा की उम्मीद है, जिसमें असैनिक परमाणु करार शामिल है।
प्रणब मुखर्जी इसके बाद न्यूयॉर्क जाएँगे, जहाँ से वह भारत वापस लौटेंगे। वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि मुखर्जी की अन्य नेताओं और अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान व्यापक द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी, लेकिन इस बात को महसूस किया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच असैनिक परमाणु करार को सबसे ज्यादा तवज्जो दी जाएगी।
इस चर्चा के बाद संभवत: बुश प्रशासन प्रणब मुखर्जी से परमाणु करार पर उनका और भारत सरकार का रूख जानना चाहेगा। इसके अलावा मुखर्जी को भी अमेरिकी प्रशासन से इस बात का पता चल जाएगा कि अगर कांग्रेस के इस सत्र में परमाणु करार को पास होना है तो उसके लिए कितनी समयावधि शेष है।
इससे पहले अमेरिकी सांसदों ने विचार व्यक्त किया था कि करार को मई तक अंतिम रूप दे दिया जाना चाहिए।
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