संत पीटर पहले पोप नहीं थे और वह कभी रोम नहीं गए थे इस बात का खुलासा एक नए वृतचित्र में हुआ है।
चैनल-4 पर प्रसारित वृतचित्र 'सिक्रेट्स ऑफ दि ट्वेल्व डिसाइपल्स' में बड़े विद्वानों ने संत पीटर के बारे में वेटिकन सिटी पर दुनिया को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है। चर्च का दावा है कि संत पीटर की रोम यात्रा से पश्चिम में ईसाई धर्म का प्रसार हुआ था।
वृतचित्र के प्रस्तोता ऑक्सफोर्ड ब्रूक्स यूनिवर्सिटी के डॉ. राबर्ट बेकफोर्ड के मुताबिक हमें यह साबित करने वाला कोई वैज्ञानिक साक्ष्य नहीं मिला है कि संत पीटर को रोम में दफनाया गया था पर इसके विरोध में कोई तर्क नहीं आया, क्योंकि वह चर्च को चुनौती होती।
उन्होंने कहा कि शक्ति के आधार को कमजोर बनाना मतलब चर्च को कमजोर बनाना है। दुख की बात है कि धर्म का इस्तेमाल तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने और एक चर्च ने खुद को दूसरों से श्रेष्ठ बनाने में किया गया।
रोमन कैथोलिकों का मानना है कि पोप संत पीटर की श्रेष्ठता के एकमात्र उत्तराधिकारी हैं इसलिए वह दुनिया के लिए ईसा के संरक्षक हैं। दावा किया जाता है कि पीटर को रोम में सलीब पर चढ़ाया गया और उस जगह दफन किया गया जहाँ बाद में बैसिलिया ऑफ सेंटर पीटर का निर्माण किया गया।
इसके अलावा 1939 में चर्च ने रोम में पुरातत्व खुदाई में संत पीटर की अस्थियाँ मिलने की घोषणा की थी।
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