चीन ने तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा पर तिब्बत में हिंसा का षड़यंत्र करने और शिनजियांग क्षेत्र में उइगर अलगाववादियों के साथ साँठगाँठ करने का आरोप लगाया है, जबकि चीन के कुछ असंतुष्टों ने उससे दुष्प्रचार बंद करने की अपील की है।
सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के आधिकारिक समाचार पत्र पीपुल्स डेली ने कल कहा कि नोबल पुरस्कार विजेता दलाई लामा ने 1959 में चीन के खिलाफ असफल विद्रोह करने के बाद यहाँ से भागने के उपरांत कभी भी हिंसा नहीं छोड़ी है।
पत्र ने कहा है कि दलाई लामा तिब्बत की स्वतंत्रता की छूट हासिल करने के लिए चीन सरकार पर दबाव डालने के वास्ते पेईचिंग ओलिंपिक को बंधक बनाने की योजना बना रहे है।
इससे पहले पत्र ने यह भी आरोप लगाया कि दलाई लामा चीन के मुस्लिम बहुल उत्तर पश्चिमी शिनजियांग क्षेत्र में एक स्वतंत्र पूर्व तुर्किस्तान की माँग कर रहे उईगर अलगाववादियों के साथ आतंकवादी हमले करने की योजना बना रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि तिब्बत पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचने के लिए उनके समर्थकों ने पूर्व तुर्किस्तान के आतंकवादी संगठनों के साथ साठगाँठ मजबूत की है और तिब्बत में आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाई है।
इस बीच 29 चीनी असंतुष्टों के एक दल ने इंटरनेट पर जारी अपील में चीन से दुष्प्रचार बंद करने को कहा है। इस दल ने संयुक्त राष्ट्र के जाँच दल को तिब्बत में आने की इजाजत देने और दलाई लामा के साथ बातचीत का रास्ता खोलने की भी अपील की।
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