अमेरिकी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के डेमोक्रेटिक दावेदार सीनेटर बराक ओबामा ने चीन को अपना आर्थिक प्रतिद्वंद्वी करार दिया है।
उन्होंने कहा है कि चीन दुश्मन नहीं है, लेकिन मानवाधिकारों को लेकर अमेरिका प्रतिबद्ध है और वह तिब्बत में बढ़ रही हिंसा को रोकना चाहता है।
ओबामा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि हम मानवाधिकारों को लेकर अपनी प्रतिबद्धता से पीछे नहीं हट सकते। अमेरिकी और चीनी सरकार के बीच तिब्बत एक समस्या का केंद्र रहा है। फिलहाल हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि चीन में हिंसा और नहीं बढ़े।
उन्होंने कहा, लेकिन अगर बात तिब्बत की परिस्थितियों की हो या फिर दारफूर में नरसंहार चलाने वाली सूडान सरकार को दिया जा रहा उनका समर्थन, हम चुप नहीं बैठ सकते। ओबामा ने कहा कि चीन और अमेरिका यह जानते हैं कि वे कई अन्य क्षेत्रों में सहयोगी बनने जा रहे हैं। इसके बाद भी हमें इन मुद्दों को दृढ़तापूर्वक पेश करना है।
उन्होंने कहा कि अगर वे राष्ट्रपति पद पर आसीन होते हैं तो वे दोनों देशों के बीच संबंधों को समानांतर दिशा में आगे बढ़ाना चाहेंगे।
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