हाई या लो ब्लडप्रेशर का प्रमुख कारण है तनाव। यदि पति-पत्नी के बीच हर मामले में आपसी समझदारी है तो रक्तचाप सामान्य रहेगा। हाल ही में हुए एक अध्ययन से यह साबित हुआ है।
ब्रिगम यंग यूनिवर्सिटी के मनोविज्ञान की सहायक प्रोफेसर होल्ट लुनस्टेड ने इस संबंध में अध्ययन किया है। 204 विवाहित और 99 अविवाहित लोगों पर अध्ययन किया गया। इसमें से अधिकांश श्वेत हैं। यह भी नहीं कहा जा सकता कि यह अन्य जातियों के लोगों पर लागू होगा कि नहीं।
अध्ययन करने वालों ने रक्तचाप मापने का उपकरण अपने साथ रखा था और 24 घंटे में अलग-अलग समय पर रक्तचाप लिया गया। विवाहित लोगों से विवाह के बाद खुशी और गम दोनों के सवाल पूछे गए। विश्लेषण कहता है कि विवाह के बाद होने वाली संतुष्टि से रक्तचाप का संबंध है।
यदि संतुष्टि है तो महिला को रक्तचाप की शिकायत नहीं होगी, लेकिन यदि संतुष्टि नहीं है तो उसे उच्च रक्तचाप की तकलीफ हो सकती है। मनोविज्ञान की एक अन्य प्रोफेसर करेन का मानना है कि यह अध्ययन एक तथ्य की ओर ध्यान खींचता है, जो संतुष्टि बोध से जुड़ा है। कुछ अध्ययन रक्तचाप बढ़ने-घटने के जोखिम को साथी के बर्ताव से भी जोड़ता है। (नईदुनिया)
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