विदेशों में खून-पसीना बहाकर अर्जित की गई गाढ़ी कमाई अपने देश भेजने के मामले में भारत दुनिया में अव्वल नम्बर पर है। विश्व बैंक द्वारा माइग्रेशन एंड रिमिटेंसेज फैक्टबुक-2008, शीर्षक से तैयार रिपोर्ट के मुताबिक पिछले वर्ष प्रवासी भारतीयों ने 27 अरब डॉलर की राशि देश में भेजी। इस रिपोर्ट में भारत के बाद चीन, मैक्सिको, फिलिपींस और फ्रांस का स्थान है। रिपोर्ट के सह लेखक और वरिष्ठ अर्थशास्त्री दिलीप रथ ने बताया कि कई विकासशील देशों में प्रवासियों द्वारा भेजी जाने वाली राशि गरीबों के लिए जीवनदाई साबित हो रही है। परिजनों द्वारा भेजी गई विदेशी मुद्रा से उनकी आवश्यकताएँ पूरी होती हैं और देश की अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। रिपोर्ट के मुताबिक किसी देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आधार पर विदेशों से सर्वाधिक राशि पाने वालों में ताजिकिस्तान, मोलदोवा और टोंगा शीर्ष पर हैं। वर्ष 2005 में अमेरिका में सबसे ज्यादा प्रवासी रह रहे थे। उस वर्ष वहाँ अन्य देश के नागरिकों, प्रवासियों की संख्या तीन करोड़ 84 लाख थी। करीब सवा करोड़ प्रवासियों के साथ दूसरे स्थान पर रूस, एक करोड़ एक लाख प्रवासियों के साथ जर्मनी तीसरे स्थान पर था। देश की आबादी के हिसाब से प्रवासियों के मामले में पहला स्थान कतर और एंडोरा का था। वहाँ 78 प्रतिशत लोग प्रवासी थे। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात का स्थान था जहाँ की आठ प्रतिशत आबादी प्रवासियों की थी।
|