अमेरिकी वैज्ञानिकों ने मंगल की सतह पर लवण की परत पाई है, जिससे संकेत मिलता है कि कभी वहाँ पानी का बहुतायत होगा और कुछ स्थलों पर कभी जीवन भी रहे होंगे।
अमेरिकी विज्ञान पत्रिका 'साइंस' के संस्करण में प्रकाशित एक अनुसंधान रिपोर्ट के अनुसार मिक्की ओस्टरलू के नेतृत्व में हवाई यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के एक दल ने मार्स ओडिसी अंतरिक्ष यान की थर्मल तस्वीरों की मदद से लवण की परत का पता लगाया है।
अनुसंधानकर्ताओं ने मंगल के दक्षिणी गोलार्द्ध पर 200 अलग-अलग स्थलों पर लवण की परत पाई है। ये स्थल मध्यम से निम्न अक्षांश पर स्थित हैं और वैज्ञानिकों के अनुसार ये प्राचीन स्थल हैं तथा वहाँ क्रेटरों की भरमार है।
अध्ययन के सहलेखक फिलिप क्रिस्टेनसन ने कहा कि लवण के ये बहुत से ढेर द्रोणी क्षेत्र में स्थित हैं, जिनसे चैनल जुड़े हैं। वैज्ञानिकों का आकलन है इन ढेरों का निर्माण 3.9 से 3.5 अरब साल पहले हुआ था।
|