पाकिस्तान के अशांत पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत (एनडब्ल्यूएफपी) में जनजीवन समान्य होने के प्रारंभिक लक्षण दिखाई देने शुरू हो गए हैं।
हाल ही में सम्पन्न आम चुनाव में मतदाताओं ने कट्टरपंथियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया और महिलाएँ एक बार फिर विज्ञापन बोर्डो पर वापस नजर आ रही हैं।
गौरतलब है कि इस प्रांत पर मुत्ताहिदा मजलिस-ए-अमल ने पिछले पाँच वर्षो तक शासन किया और इस दौरान उन विज्ञापनों को हटवा दिया, जिस पर महिलाओं के चित्र थे। इसके अलावा संगीत के कैसेटों की दुकानों पर भी समय समय पर बमों से हमला किया जाता था।
अब अचानक बहुराष्ट्रीय कंपनियों और सिनेमा हॉलों के विज्ञापन बोर्डो पर एक बार फिर महिलाएँ दिखाई देने लगी हैं।
प्रांत में आवामी नेशनल पार्टी जैसी धर्मनिरपेक्ष पार्टी की जीत के बाद पेशावर स्थित एनडब्ल्यूएफपी, विधानसभा इमारत के आसपास के विश्वविद्यालय रोड़, ग्रांड ट्रंक रोड़, सदर बाजार तथा सुरई पुल इलाके नए-नए विज्ञापन बोर्डो से पट गए हैं।
काफी समय के बाद पेशावर की इल गलियों में एक बार फिर संगीत की स्वर लहरी सुनाई दे रही हैं और पेशावर में कई स्थानीय कलाकार संगीत कार्यक्रम का आयोजन भी कर रहे हैं।
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