बिना हेलमेट लगाए मोटरसाइकिल चलाने को लेकर दायर हुआ मुकदमा हार जाने के बाद यहाँ के एक सिख ने कनाडा की अदालत के फैसले के खिलाफ याचिका दायर करने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि यह समुदाय के व्यापक हित में होगा।
अदालत ने बीते छह मार्च को बलजिंदर बादेशा की याचिका खारिज कर दी थी। सितंबर 2005 में मोटरसाइकिल पर अपनी पगड़ी के उपर हेलमेट नहीं पहनने के कारण उन पर 110 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया गया था।
बादेशा ने यह दावा किया था कि उनका धर्म पगड़ी पर कुछ और पहनने की इजाजत नहीं देता है। टोरंटो स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 1989 में भारत से कनाडा आकर बसे 39 वर्षीय बादेशा ने कहा कि सिर्फ उन पर लगाए गए जुर्माने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय वे अब कानून को संविधान के तहत चुनौती देंगे।
उन्होंने कहा अब मैं सिर्फ खुद के लिए नहीं लडूँगा बल्कि आंटारियो के कानून को उन सभी सिखों के व्यापक हित के लिये चुनौती दूंगा जो बाइक चलाना चाहते हैं।
बादेशा ने कहा हमें विश्वास है कि इस बार हम यह लड़ाई जीतेंगे। हम यह नहीं मानते कि हेलमेट पहनना सुरक्षित है। हर दिन हेलमेट पहनने वालों की दुर्घटनाओं में मौत हो जाती है।
अदालत ने आदेश में छूट देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि सुरक्षा सबसे महत्पूर्ण है। ओटावा के कनाडा विश्व सिख संगठन ने अदालत के निर्णय पर निराशा प्रकट की है।
|