दीपावली पर आतिशबाजी करते हुए आपने चकरी तो खूब चलाई होगी, लेकिन अंतरिक्ष में मौजूद इसी तरह की विशाल चकरी धरती के विनाश का कारण बन सकती है। एस्ट्रोफिजिकल जरनल के मार्च अंक में खगोल विज्ञानियों ने इस तरह की आशंका जताई है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस चकरी का नाम डब्ल्यू 104 है और यह धरती से हजारों प्रकाश वर्ष दूर है। यदि इस चकरी में विस्फोट होता है तो यह धरती को पूरी तरह खत्म करने के लिए काफी होगा।
जिन लोगों ने फिल्म 'स्टार वार्स' देखी होगी, वे अच्छी तरह जानते होंगे कि फिल्म में चंद्रमा के आकार का एक तारा धरती की ओर तेजी से बढ़ता है। वैज्ञानिकों की मानें तो अंतरिक्ष में मौजूद यह चकरी उस सितारे से भी ज्यादा खतरनाक है।
उनका कहना है कि इससे विनाश इतनी जल्दी होगा कि चेतावनी देने का मौका भी नहीं मिलेगा। सिडनी यूनिवर्सिटी के खगोल विज्ञानी और शोधकर्ता पीटर टुथिल कहते हैं कि यह चकरी दूर से देखने में जितनी खूबसूरत है, इसके परिणाम उतने ही भयंकर हो सकते हैं।
यह हो सकता है - आठ हजार प्रकाश वर्ष दूर स्थित इस चकरी से गाना किरणें निकलीं तो सबसे पहले ये हमारे स्ट्रैटोस्फियर (समताप मंडल) को नुकसान पहुँचाएगी। इससे धरती का तापमान बहुत गिर जाएगा। सूरज की रोशनी पूरी तरह नहीं पहुँच पाएगी।
कई प्रजातियाँ खत्म हो जाएँगी। पृथ्वी की सतह फट जाएगी। फिलहाल ग्रीन हाउस गैसों की वजह से ओजोन परत को तीन से चार फीसदी नुकसान हुआ है, जबकि गामा किरणों से 25 फीसदी परत खत्म हो जाएगी।
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