1935 में आई सफल हिंदी फिल्म 'हंटरवाली' में जानदार भूमिका अदा करने के बाद इसी नाम से मशहूर हुई नादिया को अब अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है।
गुजरे जमाने की इस महान भारतीय अदाकारा के नाटकीय जीवन को दर्शाती एक फिल्म तथा स्टेज शो का मंचन ऑस्ट्रेलिया में हो रहा है, जिसे दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।
आठ जनवरी 1908 को पर्थ ऑस्ट्रेलिया में जन्मीं मैरी एन इवान यानी नादिया ने 1933 में पहली बार हिंदी फिल्म 'लाल ए यमन' में अभिनय किया था, जिसका निर्माण वाडिया मूवीटोन्स के जेबीएच वाडिया ने किया था। भारत में 'हंटरवाली' के नाम से मशहूर हुई नादिया ने 1930 और 40 के दशक में 35 से अधिक फिल्मों में काम किया।
हंटरवाली का निर्देशन होमी वाडिया ने किया था और यह भारतीय सिनेमा की सर्वाधिक लोकप्रिय फिल्मों में एक मानी जाती है। फिल्म की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी अगली कड़ी के रूप में 1943 में हंटरवाली की बेटी का निर्माण किया गया।
'फियरलेस एन' नामक स्टेज शो में नादिया के जीवन तथा भारत में उनके कला जगत में परचम लहराने तक के सफर को दर्शाया गया है, जिसे ऑस्ट्रेलिया में दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। अभी उनके जीवन पर एक फिल्म तथा वृतचित्र बनाने की भी योजना है।
|