अल्बानिया में राजधानी तिराना के बाहरी हिस्से में एक सैनिक अड्डे पर नष्ट करने के लिए जमा किए गए गोला-बारूद के ढेर में शनिवार को हुए श्रृंखलाबद्ध विस्फोटों में कम से कम 63 लोगों की मौत हो गई और 240 से अधिक घायल हो गए।
प्रधानमंत्री सालि बेरिशा ने शनिवार को यहाँ कहा कि यह मृतकों की अंतिम संख्या नहीं हैं। यह संख्या बढ़ सकती है। अँधेरे के कारण राहत कार्य बंद कर दिया गया है और रविवार को पौ फटते ही इसे बहाल कर दिया जाएगा, लेकिन गोलों का फटना अब भी जारी है।
गोला-बारूद से निकले काँच और छर्रे लगने से घायल हुए सैकड़ों लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें ज्यादातर आसपास के गाँवों के नागरिक और नजदीक के एक हाईवे से गुजर रहे वाहनों में सवार लोग शामिल हैं।
सैनिक अड्डे पर विशेषज्ञ विस्फोटकों को निष्क्रिय कर रहे थे कि तभी उनमें धमाके शुरू हो गए। उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) में शामिल होने के लिए अल्बानिया के सामने स्टालिन युग के गोला-बारूद को नष्ट करने और सेना के आधुनिकीकरण करने की शर्त है। नाटो अगले महीने अल्बानिया को सदस्य बनने के लिए आमंत्रित कर सकता है।
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