चीन में स्वतंत्रता समर्थक बौद्ध भिक्षुओं की अगुवाई में तिब्बत की राजधानी ल्हासा में फैली हिंसा में अब तक कम से कम 10 लोग मारे जा चुके हैं। एक वेबसाइट ने अपुष्ट जानकारी के हवाले से मृतकों की संख्या करीब 100 बताई है।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने क्षेत्रीय प्रशासन के एक अधिकारी के हवाले से बताया है कि मरने वाले सभी व्यक्ति निर्दोष थे जिनकी जिंदा जल जाने से मौत हो गई। मरने वालों में एक होटल के दो कर्मचारी और दो दुकानदार शामिल हैं। प्रदर्शन में किसी भी विदेशी नागरिक की मौत नहीं हुई है।
क्षेत्रीय प्रशासन के विदेश विभाग के कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि हमें शुक्रवार को हुई हिंसा में विदेशियों के मारपीट, झड़प, लूट या आगजनी में जख्मी होने या मारे जाने से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली है।
मानवाधिकार समर्थक संगठनों ने चीन में अगस्त में होने वाले ओलिंपिक से पूर्व हुए इस प्रदर्शन को देश में नागरिक अधिकारों में हो रहे परिवर्तन से जोड़ा है। संगठनों ने पश्चिमी देशों से इस मुद्दे पर चीन से बातचीत करने के लिए दबाव डाला है।
चीन ने दलाई लामा से जुड़े समूहों पर ल्हासा में हुई हिंसा में शामिल होने का आरोप लगाया है। तिब्बत की स्वायत्त सरकार ने कहा कि इस उद्देश्यपूर्ण हिंसा की दलाई लामा समर्थित गुट द्वारा योजना बनाए जाने के उसके पास पुख्ता सबूत हैं।
तिब्बतियों का संरा मुख्यालय पर प्रदर्शन तिब्बत पर चीनी मीडिया खामोश
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