अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के बहुमत वाली प्रतिनिधि सभा ने राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के विरोध को नजरअंदाज करते हुए आतंकवाद विरोधी जासूसी विधेयक को शुक्रवार को मंजूरी दे दी जो फोन कंपनियों को अदालत में चुनौती देने की अनुमति प्रदान करता है।
राष्ट्रपति ने इस विधेयक पर वीटो के इस्तेमाल की धमकी दी है। इससे बचने के लिए विधेयक के पक्ष में दो तिहाई बहुमत की दरकार थी, लेकिन इसे 197 के मुकाबले 213 मत ही मिले।
बुश चाहते हैं कि वर्ष 2001 में अमेरिका पर हुए आतंकवादी हमले के बाद गुपचुप तरीके से शुरू किए गए वारंटलैस घरेलू जासूसी कार्यक्रम में भाग लेने वाली किसी भी दूरसंचार कंपनी को पूरी तरह कानूनी दायरे से अलग रखा जाए।
दूरसंचार कंपनियों को कानूनी छूट देने के सवाल पर ही पुराने कानून के स्थान पर नया विधेयक लाने के बारे में सीनेट और प्रतिनिधि सभा में आपसी सहमति नहीं बन पाई है। इस कानून के तहत अमेरिकी एजेंसियों को बिना अदालती आदेश के गुप्त तरीकों से दुश्मनों के ठिकानों की जानकारी हासिल करने की आजादी थी। इस कानून की अवधि पिछले महीने समाप्त हो चुकी है।
इसे लेकर डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन के बीच तीखी नोकझोंक भी हो चुकी है। रिपब्लिकन ने डेमोक्रेट्स पर राष्ट्रीय सुरक्षा की अनदेखी का आरोप लगाया है, जबकि डेमोक्रेट्स का आरोप है कि बुश और उनकी पार्टी के सदस्य चुनावी वर्ष में आतंकवाद का हौव्वा खड़ा करना चाहते हैं।
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