पलाऊ के पेसिफिक आइलैंड की गुफाओं में बौनों की हजारों साल पुरानी बस्ती का पता लगा है। खोजकर्ताओं का कहना है कि इस क्षेत्र में पाए गए छोटे आकार के मानव कंकाल ठीक उसी तरह के हैं जैसे कुछ समय पहले इंडोनेशिया में पाए गए थे।
यह दूसरा मामला है जब अपने आपमें अनोखे ऐसे मानव कंकाल मिले हैं। खोजकर्ताओं का कहना है कि ये कंकाल 900 से 2800 साल पुराने इंसान के कंकाल हैं, जो इस छोटे से द्वीप की भौगोलिक और पर्यावरणीय परिस्थिति के कारण ऊँचाई में छोटे रह गए थे। पब्लिक लाइब्रेरी ऑफ साइंस जर्नल में प्रकाशित इस शोध में कहा गया है कि ठीक इसी तरह के कंकाल चार साल पहले वर्ष 2004 में इंडोनेशिया के फ्लोर्स द्वीप पर पाए गए थे, जो 15 से 18 हजार साल पुराने हैं।
वैज्ञानिकों के कुछ समूह फ्लोर्स द्वीप पर पाए गए लगभग एक मीटर लंबे कंकालों के बारे में मानते हैं कि वे मानव की विलुप्त हो चुकी प्रजाति होमो फ्लोरेसियंसिस के अंतर्गत आते हैं, जबकि कुछ का मानना है कि पोषक पदार्थों की कमी और कुछ जैविक दोष के कारण उनका आकार छोटा रह गया होगा।
परीक्षणों के बाद होगा खुलासा दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में विटवाटरर्सरेंड यूनिवर्सिटी के ली. बर्जर और उनके सहयोगी कहते हैं कि वे पलाऊ द्वीप पर मिले कंकालों के बारे में अभी कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं। पूरे परीक्षणों और तथ्यों को जाँचने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
वे कहते हैं कि पत्थरों से घिरे पलाऊ द्वीप पर कई गुफाएँ और रॉक शेल्टर हैं, जहाँ कई प्रजातियों के जीवाश्म मौजूद हैं। अभी तक इस द्वीप की दस गुफाओं की खुदाई का काम चल रहा है जहाँ से 25 बौने कंकाल बरामद हो चुके हैं।
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