ऑस्ट्रेलिया सरकार हनीफ के मामले में उन गुप्त साक्ष्यों की जाँच कराएगी, जिसके आधार पर उसका वीजा निरस्त कर दिया गया था। हनीफ को ब्रिटेन में हुए असफल आतंकवादी हमले में शामिल होने का गलती से आरोपी बना दिया गया था।
महान्यायवादी जनरल रॉबर्ट मैकक्लेलैंड ने गुरुवार को यह घोषणा की कि हनीफ मामले के गुप्त साक्ष्यों की जाँच सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जॉन क्लार्क करेंगे। मैकक्लेलैंड ने कहा कि क्लार्क हनीफ की गिरफ्तारी हिरासत आरोप अभियोजन और रिहा किए जाने के समूचे मामले की जाँच करेंगे।
क्लार्क एंड्रयूज के उन आदेशों की भी जांच करेंगे जिसके तहत हनीफ का वीजा आदेश रद्द कर दिया गया। ब्रिसबेन की एक अदालत ने हनीफ को जमानत दे दी जिसके बाद उसका वीजा रद्द कर दिया गया था। इस कारण हनीफ को आव्रजन हिरासत में रहना पड़ा था।
एंड्रयूज ने कल अपने निर्णय को न्यायोचित ठहराते हुए कहा था कि एएफपी ने उनके विभाग को जो गुप्त साक्ष्य मुहैया कराया था उसी के आधार पर उन्होंने वीजा रद्द करने का आदेश दिया था। मैकक्लेलैंड ने कहा कि वह सूचना क्लार्क को सौंपी जाएगी।
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