जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल द्वितीय विश्वयुद्ध के 60 से भी ज्यादा वर्ष बीत जाने के बाद पहली बार इस रविवार से इसराइल की ऐतिहासिक यात्रा पर जाएँगी।
मर्केल इसराइली संसद में भाषण देने वाली जर्मनी की पहली चांसलर होंगी। यह एक सम्मान है, जो आमतौर पर देश के प्रमुख व्यक्तियों के लिए ही होता है।
रविवार को वे नेगेव रेगिस्तान के किबुत्ज में स्दे बोकर का दौरा करेंगी, जहाँ इसराइल के पहले प्रधानमंत्री डेविड बेन गुरियन को दफन किया गया है। इसी स्थान पर जर्मनी के पहले चांसलर कोनार्ड एडेनाउर और बेन गुरियन की मुलाकात भी हुई थी।
द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद जन्मी मर्केल के साथ उनके कैबिनेट के कुछ वरिष्ठ सदस्य भी इसराइल जाएँगे। जर्मनी ने अब से पहले इस तरह की वार्ताएँ फ्रांस, इटली, स्पेन, रूस और पोलैंड के साथ ही की हैं।
यह यात्रा मई में इसराइल की स्थापना के 60 वर्ष पूरे होने के मौके पर होने वाले कार्यक्रमों के तहत रखी गई है। बर्लिन में इसराइली दूत योरम बेन जीव ने कहा कि किसी जर्मन चांसलर की यह अभी तक की सबसे महत्वपूर्ण इसराइल यात्रा है।
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