मुख्य पृष्ठ > खबर-संसार > समाचार > अंतरराष्ट्रीय
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजियेयह पेज प्रिंट करें
 
चीनी हथियारों से दारफुर में कहर
सूडान में दारफुर संकट के दौरान चीन ने संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों को धता बताते हुए उसे भारी संख्या में स्वचालित राइफलें और छोटे हथियारों की आपूर्ति की थी।

अमेरिका के मानवाधिकार संगठन ह्यूमैन राइट फर्स्ट ने यहाँ बताया कि सूडान और संयुक्त राष्ट्र के आँकड़ों के विस्तृत अध्ययन से यह जानकारी सामने आई है कि दारफुर संकट के दौरान चीन से सूडान को स्वचालित राइफलें और छोटे हथियारों की बिक्री में भारी इजाफा हुआ था।

संगठन की रिपोर्ट में कहा गया है सूडान तेल से हो रही कमाई को चीन से हथियार खरीदने में लगा रहा है। वर्ष 2003-2006 के दौरान चीन ने सूडान को 5.5 करोड़ डॉलर मूल्य के छोटे हथियार बेचे। वर्ष 2004 में सूडान को हथियारों की बिक्री पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध के बाद तो इसमें चीन की भागीदारी 90 प्रतिशत हो गई।

रिपोर्ट के अनुसार दारफुर में चीन निर्मित एके-47 राइफलें, ग्रेनेड लांचर, गोला-बारूद और भारी मशीनगनों का ही बोलबाला है। विशेषज्ञों का कहना है कि दारफुर में 2003 से भड़की हिंसा में लगभग दो लाख लोग मारे गए और 25 लाख बेघर हो गए। विद्रोहियों को कुचलने के लिए सूडान सरकार ने अरब उग्रवादियों की मदद ली।

रिपोर्ट में चीन से सूडान को हथियारों की बिक्री बंद करने का आह्वान किया गया है। साथ ही विश्व समुदाय से इस अभियान को पेइचिंग ओल‍िंपिक से जोड़ने का अनुरोध किया गया है।
और भी
पेनेलोप क्रूज का सपना...
भारतीयों को अमेरिका आने दो-गेट्स
बैक्टीरिया से पथरी का इलाज
जल्द ही होगा जमाना फोल्डिंग कारों का!
जुर्म का पता लगाएगा नन्हा हेलिकॉप्टर
रोबोट कहेगा जरा एसी चालू करना!