अमेरिका में भारतीयों को एच-वन बी वीजा देने के विरोध के बीच माइक्रोसॉफ्ट प्रमुख बिल गेट्स ने कहा है कि अमेरिका को अपनी अप्रवासन नीतियों में बदलाव लाना चाहिए।
अगर भारत से एक शीर्ष सॉफ्टवेयर इंजीनियर या छात्र अमेरिका आता है तो वह 'बी' और 'सी' स्तर के चार अन्य अमेरिकी इंजीनियरों या छात्रों के लिए नई नौकरियाँ उपलब्ध करवाने वाला साबित होता है। उन्होंने भारतीयों के लिए उक्त वीजा को अधिक से अधिक जारी करने की पेरवी भी की।
गेट्स यहाँ हाउस ऑफ रिप्रिसेन्टेटिव्स के विज्ञान और तकनीक पेनल को संबोधित कर रहे थे। गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि हम विभिन्न पदों पर कार्य कर रहे एच-वन बी वीजाधारी के सहयोग के लिए चार अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति करते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर उनका बस चले तो वे अमेरिका की एच-वन बी वीजा की वर्तमान नीति को रद्दी की टोकरी में फेंक दें। उन्होंने कहा कि अमेरिका के वर्तमान 65000 एच-वन बी वीजा जारी करने की संख्या को वे मनमाना मानते हैं और यह संख्या अमेरिका में पेशेवरों की जरूरतों के मुकाबले बहुत कम है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका में कम्प्यूटर्स में डिग्री लेने वाले छात्रों की संख्या अपेक्षा से काफी कम है और इसकी पूर्ति अंततः हमें बाहर से ही करना पड़ेगी।
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