भारत में जन्मे सर्जन जयंत पटेल ने उन पर ऑस्ट्रेलिया में लगे 13 रोगियों के कत्लेआम और लापरवाही से हुई मौतों के आरोपों से इंकार किया है।
पटेल की वकील सुसन रसेल ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्क्लि ने अपने पर लगाए गए आरोपों से इंकार किया है। प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अप्रैल तक शुरू नहीं होगी और अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि पटेल इसके खिलाफ लड़ेंगे या नहीं।
डॉक्टर डेथ के नाम से कुख्यात हो चुके 57 वर्षीय पटेल को एफबीआई ने सोमवार को पोर्टलैंड ओरगन स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया था।
ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी अमेरिका से उसके प्रत्यर्पण की माँग कर रहे हैं ताकि उस पर 16 आरोपों में मुकदमा चलाया जा सके। ऑस्ट्रेलिया में उसके खिलाफ तीन आरोप रोगियों के कत्लेआम के हैं।
आरोपों के अनुसार डॉक्टर जयंत पटेल के 2003 से 2005 के दौरान क्वींसलैंड के बुंडाबर्ग बेस अस्पताल में आपरेशन के लिए अपनाए गए तौर तरीकों के कारण 17 रोगियों की मौत हो गई थी।
ओरेगन के एक अखबार के अनुसार पटेल मंगलवार को अदालत द्वारा नियुक्त वकील के साथ पेश हुआ और न्यायाधीश से कहा कि वह वकील का खर्च वहन नहीं कर सकता।
अमेरिकी अटार्नी कार्यालय ने मंगलवार को अदालत से कहा कि पटेल ने आस्ट्रेलियाई अस्पताल के अधिकारियों से अपने व्यावसायिक दुराचरण को छिपाने की कोशिश की।
ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले पटेल पोर्टलैंड के एक अस्पताल में कार्यरत था। वहाँ भी उसके खिलाफ व्यावसायिक दुराचरण की शिकायतें मिलती रहती थीं।
अमेरिकी अदालत में दायर शिकायत के अनुसार पटेल ने एक रोगी की एक स्वस्थ ग्रंथि को निकाल दिया। दूसरे मामले में उससे दुर्घटनावश एक रोगी की भोजन नली फट गई।
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