पाकिस्तान के पंजाब सूबे की राजधानी लाहौर में मंगलवार को दो संदिग्ध आत्मघाती बम धमाकों में कम से कम 26 लोग मारे गए और 170 घायल हो गए। इनमें से एक धमाका एक सरकारी कार्यालय के बाहर हुआ।
राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने हमलों की भर्त्सना करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
पहला विस्फोट फेडरल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एफआईए) के कार्यालय में हुआ, जबकि दूसरा धमाका चंद मिनटों बाद मॉडल टाउन इलाके में स्थित एक विज्ञापन कंपनी के कार्यालय में हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एफआईए के कार्यालय में हुआ विस्फोट इतना जबरदस्त था कि इसकी वजह से कार्यालय के सामने स्थित एक इमारत भी नष्ट हो गई जिसमें एक ईसाई स्वयंसेवी संगठन का दफ्तर था। विस्फोट में वहाँ लगा ट्रांसफार्मर भी नष्ट हो गया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन हमलों के आत्मघाती होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि विस्फोटकों से लदे दो वाहनों ने एफएआई और मॉडल टाउन इलाके में एक विज्ञापन एजेंसी के कार्यालय में धमाके किए। एफएआई के कार्यालय के बाहर एक बड़ा गड्ढा हो गया।
4 मार्च को भी हुआ था आत्मघाती हमला : पिछली 4 मार्च को मॉल रोड स्थित नैवी कॉलेज में एक मोटरसाइकिल सवार ने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया था। इस घटना में पाकिस्तान नैवी के लिए तैयार होने वाले कई अफसर मारे गए थे।
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