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भारतीय नर्स को वापस भेजा जाएगा
नवजात शिशु बदलने का आरोप
सऊदी अरब में नजरान के सरकारी अस्पताल में काम करने वाली भारतीय नर्स को तुर्की और सऊदी अभिभावकों के दो नवजात शिशुओं की अदलाबदली करने के आरोप में स्वदेश भेजा जाएगा और उस पर सऊदी अरब में काम करने पर प्रतिबंध भी लगाया जाएगा।

चार वर्ष पहले हुई इस घटना की जाँच के लिए सऊदी सरकार ने एक समिति गठित की थी। इस समिति ने अस्पताल में उस समय डयूटी पर मौजूद मिस्र के एक डॉक्टर और फिलीपींस की एक नर्स को भी ऐसी ही सजा सुनाई है जबकि एक अन्य सऊदी नर्स को सिर्फ जुर्माना लगाकर छोड दिया गया है।

मामला कुछ ऐसे रहा कि बच्चों की अदलाबदली हो जाने पर तुर्की पिता ने कहा कि उनका शिशु अश्वेत है जब अस्पताल प्रशासन ने उनकी बात नहीं सुनी तो उन्होंने सोचा कि यह शिशु उनकी पत्नी की अवैध संतान है और वह उसकी हत्या करने पर उतारू हो गए। बाद में तुर्की में कराए गए डीएनए परीक्षण से पता चला कि बच्चा उस दंपति का है ही नहीं।

स्थानीय अखबार अल इग्तिसादिया में कल प्रकाशित समाचार के अनुसार- इस पर उन्होंने नजरान लौटकर मुकदमा दायर किया। सचाई सामने आने पर सऊदी सरकार की ओर से दोनों परिवारों को 60 लाख रुपए हर्जाना दिया गया है। इस समय दोनों परिवार पड़ोस में रह रहे हैं ताकि बच्चों को उनके असली माता-पिता के पास लौटने के लिए मानसिक और भावनात्मक तौर पर तैयार किया जा सके।
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