पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के बीच रविवार को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में नवाज शरीफ ने प्रधानमंत्री पद की पेशकश को ठुकरा दिया।
इस्लामाबाद से 60 किलोमीटर दूर पर्यटक स्थल मुर्ररी में आयोजित अहम बैठक में शरीफ ने आसिफ अली जरदारी को साफ तौर पर बता दिया कि उनकी प्रधानमंत्री बनने में कोई रुचि नहीं है। अलबत्ता वह बर्खास्त जजों को बहाल करने के मुद्दे को ज्यादा तवज्जो देते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के बारे में पीपीपी को खुद फैसला करना चाहिए क्योंकि वह सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई है। पीएमएलएन के प्रमुख ने कहा कि पीपीपी चाहे जिसे प्रधानमंत्री बनाए, उनकी पार्टी इसका समर्थन करेगी। इसके साथ ही यह भी साफ हो गया कि नई सरकार में पीएमएलएन के मंत्री शामिल होंगे।
इससे पहले शरीफ ने कहा था कि जब तक परवेज मुशर्रफ राष्ट्रपति रहेंगे तब तक उनकी पार्टी सरकार में शामिल नहीं होगी। दोनों पार्टियाँ नई सरकार के गठन के 30 दिन के भीतर जजों को बहाल करने पर भी सहमत हो गई।
|