सउदी अरब के शीर्ष मौलवी मुफ्ती शेख अब्दुल अजीज ने सउदी नागरिकों से कहा है कि ऐसे धर्मार्थ संगठनों को धन न दें, जो दुष्ट समूहों को वित्तीय मदद मुहैया करा रहे हैं।
मौलवी ने यह चेतावनी पुलिस द्वारा हासिल किए गए उस आडियो टेप के बाद दी है, जिसमें अल कायदा का दूसरे नंबर का नेता आयमन अल जवाहिरी अपने संगठन के लोगों से पाकिस्तान और अफगानिस्तान में कुछ लोगों की मदद के लिए धन एकत्र करने को कह रहा है।
टेप में जवाहिरी ने कहा है कि संगठन के लोग जरूरतमंदों की मदद के लिए धन जुटाएँ। मौलवी अजीज ने दैनिक अखबार 'अल ओकज' में प्रकाशित अपने बयान में अलकायदा को बुरा संगठन बताते हुए सउदी नागरिकों से कहा है कि वे ऐसे समूहों की आर्थिक मदद नहीं करें।
बयान में अजीज ने कहा है जो संगठन बुराई और इस्लाम तथा मुसलमानों को बदनाम करने के लिए जाना जाता है ऐसे संगठन की मदद करना भी एक बुराई है। मौलवी ने यह बयान सउदी अरब में विदेशियों पर हुए हमले के संदर्भ में दिया है।
तेल संपदा से समृद्ध सउदी अरब अलकायदा नेता ओसामा बिन लादेन का जन्म स्थान है। मौलवी का बयान 2003 में यहाँ विदेशियों पर हुए श्रृंखलाबद्ध हमलों के बाद से अलकायदा के लिए एक बड़ा झटका है।
पिछले साल अप्रैल में सउुदी अरब में 172 आतंकवादी गिरफ्तार किए गए थे, जिनमें ऐसे पायलट भी शामिल थे जिन्हें कथित तौर पर तेल रिफाइनरी और नागरिक विमानों पर हमले के लिए प्रशिक्षण दिया गया था।
इतनी संख्या में आतंकवादियों की गिरफ्तारी के बावजूद ऐसा माना जाता है कि बड़ी संख्या में यहाँ के नागरिक आतंकी नेटवर्क का समर्थन करते हैं और ऐसे इस्लामी संगठनों को दान के रूप में धन मुहैया कराते हैं।
ऐसी बहुत सी खबरें हैं जिनमें कहा जाता रहा है कि सउुदी अरब का निजी धन अज्ञात आतंकी समूहों की मदद के लिए जा रहा है। इन खबरों से सउुदी सरकार पर इस बात का दबाव बढ़ रहा है कि वह आतंकी संगठनों को धन मुहैया कराए जाने के सोतों पर नजर रखे।
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