दक्षिण अमेरिकी देशों में सैनिक संघर्ष की आशंका के बीच इक्वाडोर और कोलंबिया के राष्ट्रपतियों ने कटु विवाद को विराम देते हुए हाथ मिला लिए।
शुक्रवार को सेंटो डोमिंगो में हुई लातिन अमेरिकी देशों केरियो समूह की वार्ता में कहासुनी के बाद इक्वाडोर के राष्ट्रपति राफेल कोरिये और कोलंबिया के राष्ट्रपति अलवारो यूरिबे आपसी विवाद खत्म करने के लिए राजी हुए। पिछले सप्ताहांत कोलंबिया की सीमा के समीप विद्रोहियों के खिलाफ छापे की कार्रवाई के बाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई थी।
कोरिये ने यूरिबे के साथ हाथ मिलाने से पहले कहा कि माफी माँगने और मित्र देशों पर कभी भी हमला नहीं करने की प्रतिबद्धता के साथ हम मान सकते हैं कि यह गंभीर मुद्दा सुलझा लिया गया है। लातिन अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने इसकी तारीफ करते हुए कहा कि ईश्वर इक्वाडोर और लातिन अमेरिका को आशीर्वाद दें।
वार्ता की शुरुआत में कोलंबियाई विद्रोहियों की सशस्त्र सेना (एफएआरसी) के खिलाफ हमले को लेकर दोनों नेताओं ने एक दूसरे पर आरोप लगाए थे। इक्वाडोर और वेनेजुएला ने अपनी सीमाओं पर अतिरिक्त सेना भेजी थी और बोगोटा के साथ संबंध तोड़ लिए थे।
अमेरिकी समर्थन प्राप्त कोलंबियाई नेताओं ने यह आरोप लगाये थे कि इक्वाडोर में हुई छापामार कार्रवाई से कोरिये और मार्क्सवादी विद्राहियों के बीच संबंधों के साक्ष्य सामने आए हैं। लेकिन कोरिये ने इस बात का खंडन किया था।
कोरिये ने रियो समूह से कोलंबिया के उस हवाई हमले की आलोचना करने को कहा था जिसमें एफएआरसी के दूसरे क्रम के नेता राउस रेइस की मौत हो गई थी। कोरिये ने कहा अगर हम समय पर कदम नहीं उठाएँगे तो इसके क्षेत्र में गंभीर परिणाम होंगे।
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