अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव में डेमोक्रटिक उम्मीदवारी की दावेदारी कर रही हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि वह सत्ता में आने पर पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ पर केन्द्रित बुश प्रशासन की एक आयामी पाकिस्तान नीति समाप्त कर देंगी और भारत तथा पाकिस्तान के साथ रिश्तों में सुधार का प्रयास करेंगी।
हिलेरी ने कहा कि पिछले सात साल से बुश प्रशासन ने पाकिस्तान के प्रति एक आयामी नीति चलाई और अन्य पाकिस्तान में अन्य महत्वपूर्ण राजनीतिक हस्तियों तथा उसके नागरिक समाज को दरकिनार कर अपना उच्च स्तरीय ध्यान (पाकिस्तानी) राष्ट्रपति मुशर्रफ पर केन्द्रित किया। अब इसमें तब्दीली करने का समय आ गया हैं।
हिलेरी फिलहाल राष्ट्रपति पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारी के लिए बराक ओबामा के साथ काँटे के संघर्ष में जूझ रही हैं। उन्होंने कहा कि 18 फरवरी के चुनाव के नतीजों से अमेरिका को पाकिस्तान के प्रति उसकी नीतियों पर संकेत मिल जाना चाहिए।
हिलेरी ने कहा कि अगर वह राष्ट्रपति बनी तो वह सुनिश्चित करेंगी कि पाकिस्तान को मिलने वाली सैन्य सहायता की जवाबदेही हो। हिलेरी ने कहा कि राष्ट्रपति बनने पर उनका प्रशासन अफगानिस्तान और पाकिस्तान के लिए विशेष दूत नियुक्त करेगा।
उन्होंने एक बयान में कहा कि हम भारत और पाकिस्तान के बीच एक टिकाऊ रिश्ता कायम करना चाहेंगे, जो अफगानिस्तान की दीर्घकालीन स्थिरता में और भी मदद करेगा। डेमोक्रेटिक नेता ने कहा कि पाकिस्तान के हाल के चुनाव वहाँ लोकतंत्र की वापसी और असैनिक नीत सरकार की स्थापना की दिशा में एक प्रमुख कदम है।
हिलेरी के चुनाव प्रचार में कहा गया है कि पाकिस्तान को दी जानी सहायता वहाँ लोकतांत्रिक संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण नागरिक समाज के निर्माण और आर्थिक एवं शैक्षिक अवसरों को सुधारने पर लक्षित होनी चाहिए। क्लिंटन कैंपेन ने एक बयान में कहा कि आने वाले वर्षों में एक स्थिर और लोकतांत्रिक पाकिस्तान अमेरिका के लिए एक मजबूत सुरक्षा साझेदार होगा।
कैंपन में दावा किया गया है कि अफगानिस्तान में सुरक्षा प्रदान करने का कार्य तब तक पूरा नहीं किया जा सकता जब तक अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर वृहत सुरक्षा और पाकिस्तान के अंदर वृहत स्थिरता स्थापित नहीं हो जाए।
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