डायनासोर को किसी समय मेंढक कच्चा चबा जाते थे। सुनकर जरा अचरज लगता है, लेकिन यह सही है। मेंढकों का आकार बहुत पहले फुटबॉल के आकार का होता था। उनके लिए संभव था कि डायनासोर के बच्चों को चबा डाले। यह भी आशंका है कि डायनासोर के अस्तित्व को कुछ हद तक मेंढकों ने खत्म किया हो।
मेंढक हमारे आसपास का जीव है। उसका डिसेक्शन करना विज्ञान में जरूरी होता है। एक ऐसा जीव जो घर के कमरों में भी आ जाता है और हम उसे पानी में छोड़ देते हैं, ऐसा मेंढक किसी समय में डायनासोर को निगल जाता था। जीवाश्म अनुसंधानकर्ताओं ने यह खोज निकाला है कि करोड़ों साल पहले डायनासोर के जमाने में ऐसे मेंढक हुआ करते थे जिनके दाँत नुकीले तथा शरीर पर मोटा कवच होता था। इनका आकार फुटबॉल जैसा था, वजन 5 किलोग्राम और ऊँचाई 16 इंच थी।
इस मेंढक की हड्डियों के फॉसिल की खोज न्यूयॉर्क की स्टोनब्रुक यूनिवर्सिटी के जीव-जंतुओं के विशेषज्ञ डेविड क्रोज ने की। क्रोज को इसके अस्तित्व का पता तो 1993 में ही चल चुका था किन्तु विभिन्न शोधों के बाद उसके मिले जीवाश्मों को जो़ड़कर इसकी पूर्ण शारीरिक संरचना का पता लग पाया।
नेशनल अकादमी ऑफ साइंस में प्रकाशित हुई इस रिपोर्ट के अनुसार- 'ये मेंढक इतने विशाल हुआ करते थे कि शायद भोजन में डायनासोर के बच्चों को पसंद करते थे।' लगता है डायनासोर के अस्तित्व खत्म होने में कुछ प्रतिशत हाथ इन मेंढकों का भी रहा होगा।
इस मेंढक की खोज से जु़ड़े लंदन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सूसन इवेंस ने बताया कि आजकल पाए जाने वाले सींगदार टोड बील्जेबूफो के संबंधी हैं। छिपकली के नाना 'डायनासोर के बाद अब मेंढकों के दादा 'बील्जेबूफो'। पता नहीं कितने जीव-जंतु ऐसे हो सकते हैं जिनका आकार विशाल रहा हो।
बील्जेबूफा अफ्रीका के तटीय स्थान मेडागॉस्कर में पाए गए इस मेंढक के जीवाश्मों के आधार पर वैज्ञानिकों ने इसे 'बील्जेबूफो' नाम दिया है जिसका अर्थ है 'शैतान नारकीय मेंढक।' (नईदुनिया)
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