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हेलमेट नियमों की चुनौती खारिज
मोटरसाइकिल पर हेलमेट लगाने के नियम को एक सिख द्वारा दी गई चुनौती कनाडा की एक अदालत ने खारिज कर दी, लेकिन अदालत ने यह माना है कि नियमों से उसके धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों का हनन हुआ है।

वर्ष 1989 में भारत से कनाडा आए 39 वर्षीय बलजिंदर बादेशा को वर्ष 2005 में मोटरसाइकिल चलाते हुए पगड़ी पर हेलमेट नहीं पहनने के लिए 110 अमेरिका डॉलर से दंडित किया गया था।

उनका कहना था कि हेलमेट पहनने का नियम सिख धर्म के खिलाफ है जो बालों को ढँकने के लिए पगड़ी के अलावा कुछ और पहनने की इजाजत नहीं देता है।

आंटारियो के न्यायाधीश डब्ल्यूजे ब्लैकलाक ने आदेश देते हुए कहा कि नियम बादेशा की धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों का हनन करता है, लेकिन यह कनाडाई अधिकारों और स्वतंत्रता की धारा एक के तहत न्यायसंगत है।

हेलमेट संबंधी नियमों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर आने वाली लागत में कमी आती है और इससे लोगों की जिंदगी भी सुरक्षित रहती है। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहने बिना मोटरसाइकिल चलाने से जोखिम बढ़ जाता है।

बादेशा के वकील मेल्विन सोकोस्की ने कहा कि वे फैसले के विरुद्ध याचिका दायर करेंगे और सरकार को नियम बदलने के लिए राजी करने की कोशिश करेंगे।

भारत और अमेरिका में सिखों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य नहीं है। कनाडा के मनितोबा और ब्रिटिश कोलंबिया में मानव अधिकारों के तहत दी गई चुनौती के बाद नियमों में छूट दे दी गई है।
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