पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की समर्थित पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (कायदे आजम) के सांसदों ने ही मुशर्रफ के खिलाफ बगावत का बिगुल फूँक दिया है।
संसद में पीएमएलक्यू के सहयोगी दलों के साथ प्रधानमंत्री निवास पर कार्यवाहक प्रधानमंत्री मोहम्मद मियाँ सूमरो द्वारा आयोजित चाय पार्टी में सांसदों ने पार्टी की चुनावी हार के लिए मुशर्रफ को जिम्मेदार ठहराया।
बैठक में बिना किसी सूचना के पहुँचे मुशर्रफ को देख सभी को आश्चर्य भी हुआ। वहाँ मौजूद करीब 40 सांसदों ने उस रिपोर्ट का जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि पीपीपी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) मिलकर कार्यवाहक प्रधानमंत्री को पद से हटाने की योजना बना रहे हैं और उनके स्थान पर अपना नेता बैठाना चाहते हैं।
सूमरो ने जानना चाहा कि क्या पीएमएलक्यू के सांसद फारवर्ड ब्लॉक में शामिल होने की सोच रहे हैं, हालाँकि सूमरो के पद पर बने रहने के लिए जरूरी सांसदों की संख्या 51 के मुकाबले बैठक में मौजूद सांसदों की संख्या काफी कम थी।
टेलीविजन चैनलों द्वारा उस खबर का भी जिक्र किया गया जिसमें मुशर्रफ पराजित पीएमएलक्यू के सांसदों की पीठ थपथपाते हुए उनसे दिल छोटा नहीं करने को कह रहे थे। एक टीवी रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति ने कहा कि पीएमएलक्यू और इसके सहयोगी दलों के गठबंधन ने सबसे अधिक मत हासिल किए हैं।
इस आँकड़े का हाल में जिक्र करते हुए पीएमएलक्यू के महासचिव मुशाहिद हुसैन सैयद ने पराजित पार्टी के नेताओं को भरोसा दिलाया था कि पार्टी अब भी एक मजबूत राजनीतिक ताकत है।
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