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अंधे कत्लों का पर्दाफाश करेंगे बाल
अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाना कई बार पुलिस के लिए मुश्किल हो जाता है। ऐसे मामलों में न तो हत्यारे का पता चल पाता है और न ही मौत के घाट उतारे गए व्यक्ति की पहचान हो पाती है। लेकिन अब ऐसे मामलों से निपटने के लिए नई तकनीक खोज ली गई है।

अमेरिकी शोधकर्ताओं ने ऐसी तकनीक खोज ली है जिसमें बालों के जरिए हत्यारे तक पहुँचना आसान हो जाएगा। यह तकनीक मुख्यतः इस बात पर आधारित है कि व्यक्ति किस क्षेत्र में रहता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि व्यक्ति देश या दुनिया के जिस क्षेत्र में रहता है वहाँ के पानी की प्रकृति अलग-अलग होती है और इसका असर सबसे ज्यादा उसके बालों पर पड़ता है।

उताह यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की टीम ने इसके लिए अमेरिका के 600 शहरों से पानी के नमूने लिए और क्षेत्रीय भिन्नता के आधार पर उसका नक्शा तैयार किया। इसके बाद शोधकर्ताओं ने अपनी तकनीक की शुद्घता जाँचने के लिए 65 छोटे कस्बों की नाई की दुकान से बालों के 200 नमूने लिए। परिणाम सकारात्मक निकले। बालों के उन नमूनों के परीक्षणों का नक्शे से मिलान किया। परिणाम लगभग सही निकला।

रिकॉर्डर की तरह है बाल : प्रोसिडिंग ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस के इस सप्ताह के अंक में प्रकाशित इस शोध के प्रमुख शोधकर्ता और भूगर्भ वैज्ञानिक थूर सेरलिंग कहते हैं कि बाल इंसानी गतिविधियों को रिकॉर्ड करने का काम करते हैं। आप जो खाते-पीते हो उसकी जानकारी बालों में रिकॉर्ड हो जाती है। पूरे अमेरिका में खानपान और पानी सप्लाई अलग-अलग है।

यह मौसम की भिन्नता के कारण होता है। बारिश के पानी में मौजूद रसायन अलग-अलग जगह के तत्वों से मिलकर उस जगह विशेष के पानी को दूसरे से अलग बना देते हैं। वैज्ञानिक कहते हैं कि बालों में मौजूद हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के आइसोटोप के आधार पर वैज्ञानिक आसानी से बता सकते हैं कि संबंधित व्यक्ति किस क्षेत्र में निवास करता होगा।
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