मुख्य पृष्ठ > खबर-संसार > समाचार > अंतरराष्ट्रीय
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजियेयह पेज प्रिंट करें
 
कश्मीरसिंह पाक जेल से रिहा
35 साल बाद मंगलवार को मिलेंगे परिवार से
पिछले 35 सालों से जेल में बंद भारतीय नागरिक कश्मीरसिंह को सोमवार को अंतत: पाकिस्तान ने रिहा कर दिया और वह मंगलवार को वाघा सीमा पर अपने परिवार से मिलेंगे।

कार्यवाहक मानवाधिकार मंत्री अंसार बर्नी द्वारा मामला उठाने के बाद राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पिछले हफ्ते कश्मीरसिंह को माफी दे दी थी। सिंह को स्थानीय समयानुसार शाम 8 बजकर 20 मिनट पर कोट लखपत केन्द्रीय जेल से रिहा किया गया।

जेल से बाहर आते समय बर्नी और उनका परिवार सिंह के साथ था। सिंह के रिहा होने के बाद बाहर प्रतीक्षारत एक वाहन से उन्हें एक पंचसितारा होटल ले जाया गया, जहाँ वह रात बिताएँगे। कुछ लोगों ने उनकी कार पर फूल बरसाए।

सिंह की रिहाई का पाकिस्तान के समाचार चैनलों पर सीधा प्रसारण किया गया, लेकिन उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। बर्नी ने कहा कि सिंह के साथ मैं और मेरी पत्नी वाघा तक जाएँगे जहाँ 11 बजे सिंह अपने परिवार से मिलेंगे।

सिंह का यात्रा दस्तावेज लेकर इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग में अधिकारी सुरेश रेड्डी लाहौर पहुँचे। रेड्डी ने कहा कि सिंह का स्वास्थ्य ठीक है। वह अपने बारे में रेडियो तथा टीवी से समाचार सुन रहे हैं और अपने परिवार से मिलने के प्रति काफी उत्साहित हैं।

कैदी की रिहाई से संबंधित कार्रवाई पूरी करने में कुछ देर हुई और बर्नी ने जेल के अधिकारियों से कहा कि वह सामान्य कार्य अवधि के बाद भी कार्यालय में ही रहे ताकि सिंह को आज ही रिहा किया जा सके।

सिंह की दया याचिका पर पिछले हफ्ते मुशर्रफ के अनुमोदन के बाद गृह मंत्रालय ने शनिवार को उनकी रिहाई का आदेश जारी किया। सिंह की पत्नी 1973 से ही उनकी रिहाई के लिए प्रयास करती रही हैं और वह कल परिवार के सदस्यों और मित्रों के साथ बाघा सीमा पर अपने पिता का स्वागत करेंगी।

पाकिस्तान के प्रमुख मानवाधिकार संगठनों में से एक अंसार बर्नी ट्रस्ट ने सिंह को दस लाख रुपए देने की घोषणा की है। यह ट्रस्ट अब पाकिस्तानी जेलों में बंद भारतीय नागरिकों खासकर मछुआरों की रिहाई के लिए काम कर रहा है।

बर्नी के पुत्र और ट्रस्ट के कार्यवाहक अध्यक्ष फहद बर्नी ने कहा कि संगठन इन सबके अलावा पाकिस्तानी जेल में भारतीय युद्धबंदियों की खोज तथा भारत में बंद पाकिस्तानी नागरिकों की खोज कर रहा है। सिंह को 1973 में रावलपिंडी में गिरफ्तार किया गया था और जासूसी के आरोप में सेना की एक अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनायी थी।

35 वर्ष बाद कश्मीरसिंह रिहा होंगे
और भी
इलाज के लिए भारत भेजने का विरोध
11 की उम्र में ही बचपन खत्म!
हिलेरी क्लिंटन पर दबाव बढ़ा
जो हुक्म मेरे आका...
देह व्यापार में 190 महिलाएँ गिरफ्तार
सोनिया फिल्म का निर्माण रुका