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करगिल लड़ाई की जाँच चाहते हैं शरीफ
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा है कि मुल्क की नई सरकार करगिल की लड़ाई में राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की भूमिका सहित उसके कारणों की समीक्षा करेगी और तय करेगी कि भारत के साथ उस लड़ाई के लिए कौन जिम्मेदार था।

शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और पीएमएल-ए ने लगभग दो साल पहले जम्हूरियत के चार्टर पर दस्तखत कर करगिल की लड़ाई की समीक्षा के लिए एक आयोग गठित करने को वचनबद्ध हो गए थे। गौरतलब है कि शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन ने पीपीपी नीत गठबंधन सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है।

पीएमएल-एन प्रमुख शरीफ ने कहा कि चार्टर से दोनों पार्टियाँ सुरक्षा परिषद को समाप्त करने आईएसआई को असैनिक सरकार के प्रति जवाबदेह बनाने और सभी सैन्य अधिकारियों से उनकी संपत्तियों की वार्षिक घोषणा कराने को वचनबद्ध हुई थीं।

शरीफ ने डेविल्स एडवोकेट कार्यक्रम के लिए करण थापर को दिए साक्षात्कार में कहा कि हम चार्टर लागू करने को तैयार हैं। हमें लगता है कि यह शानदार दस्तावेज है और उसे हू-ब-हू लागू किया जाना चाहिए। ऐसा करने की मेरी पूरी मंशा है। उन्होंने कहा कि पीपीपी उसके प्रति वचनबद्ध है, क्योंकि उस पर मोहतरमा बेनजीर भुट्टो के दस्तखत हैं।

क्या करगिल के कारणों की जाँच और उसकी जिम्मेदारी तय करने के लिए आयोग के गठन को लेकर वह अब भी वचनबद्ध हैं यह पूछे जाने पर शरीफ ने कहा हाँ।
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