पीएमएल-एन नेता एवं पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ को शनिवार को पाकिस्तान की एक आतंकवाद निरोधक अदालत ने पाँच युवकों की 1998 में फर्जी मुठभेड़ की गई हत्या के एक मामले में बरी कर दिया, जिससे उनके उपचुनाव लड़ने का रास्ता साफ हो गया है।
पीएमएल-एन प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के छोटे भाई शाहबाज को निर्वाचन आयोग ने पिछले माह के चुनाव लड़ने से रोक दिया था, क्योंकि वह हत्या के एक मामले में आरोपी थे। इस मामले की सुनवाई न्यायाधीश शब्बीर हुसैन चट्ठा ने की।
पीएमएल-एन ने शाहबाज को पंजाब प्रांत में संसदीय दल का प्रमुख बनाया है। पंजाब में पीएमएल-एन ने अच्छी बढ़त हासिल की है। पार्टी ने यह भी तय किया है कि शाहबाज उपचुनाव लड़ेंगे और जीतने के बाद उन्हें प्रांत का मुख्यमंत्री बनाया जाएगा।
शाहबाज पर अपने मुख्यमंत्री के कार्यकाल में अप्रैल 1998 में लाहौर के सब्ज बाजार इलाके में पाँच छात्रों को पुलिस के साथ फर्जी मुठभेड़ में मार डालने का आदेश देने का आरोप था।
ये छात्र अप्रैल में मारे गए और एक छात्र के पिता सईदुद्दीन की शिकायत पर मार्च 2001 में प्राथामिकी दर्ज हुई। तब तक राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ एक रक्तहीन सैन्य तख्तापलट में नवाज शरीफ से सत्ता हथिया चुके थे। प्राथमिकी में 13 व्यक्तियों के खिलाफ आरोप लगाया गया था।
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