पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की एक आत्मघाती हमले में हत्या की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जब तक देश से आतंकवादियों का खात्मा नहीं हो जाता, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे।
जनरल (सेवानिवृत) मुशर्रफ ने राष्ट्र के नाम एक संदेश में कहा कि मोहतरमा बेनजीर भुट्टो की एक क्रूर और बर्बर आतंकवादी ने रावलपिंडी के लियाकत बाग में हत्या कर दी। यह एक बड़ी त्रासदी है और मैं शब्दों में इसे बयाँ नहीं कर सकता।
राष्ट्रपति मुशर्रफ ने घोषणा की कि बेनजीर को श्रद्धांजलि के रूप में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक रहेगा और इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।
उन्होंने कहा कि वे इस दु:ख की घड़ी में बेनजीर के पति आसिफ जरदारी और उनके बच्चों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि मेरी दुआएँ, जज्बात और हमदर्दी श्रीमती भुट्टो के परिवार के साथ है। इसके साथ ही बेनजीर के साथ मारे गए अन्य लोगों के परिवारों के प्रति भी अपनी संवेदनाएँ प्रकट की।
जनरल (सेवानिवृत) मुशर्रफ ने कहा कि बेनजीर की हत्या के पीछे उन्हीं आतंकवादियों का हाथ है, जिनके खिलाफ पाकिस्तान लड़ाई लड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद पाकिस्तान के लिए इस समय सबसे बड़ा खतरा और देश की तरक्की में एक बड़ी बाधा है। उनका कहना था कि देश तब तक आगे नहीं बढ़ सकता, जब तक आतंकवाद का सफाया नहीं होता।
उन्होंने स्वंय संकल्प लिया और देशवासियों को यह संकल्प दिलाया कि वे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे, जब तक देश से आतंकवादियों का खात्मा नहीं हो जाता।
राष्ट्रपति मुशर्रफ ने देशवासियों से संयम बरतने और एकता बनाए रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि संकट की इस घडी में देश में शांति व्यवस्था बनाये रखना बहुत जरूरी है।
जनरल (सेवानिवृत) मुशर्रफ ने बेनजीर की हत्या के तुरंत बाद एक उच्च स्तरीय आपात बैठक बुलाई। बैठक में कार्यवाहक प्रधानमंत्री मोहम्मद मियाँ सूमरो भी मौजूद थे।
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