पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की नेता श्रीमती बेनजीर भुट्टो की रैली में आत्मघाती हमला किया गया, जिसकी वजह से उनकी मौत गुरूवार शाम 6.16 बजे (भारतीय समयानुसार) हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। मोबाइल सेवाएँ जाम कर दी गई हैं।
राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने इसे दशहतगर्दों की करतूत बताते हुए बेनजीर की मौत पर गहरा शोक प्रकट किया। साथ ही उन्होंने तीन दिन के राजकीय शोक का ऐलान किया।
बेनजीर की मौत के बारे में विरोधाभासी बयान आ रहे हैं। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने कहा कि आत्मघाती हमले में उड़े छर्रों की वजह से उनकी मौत हुई जबकि कुछ का कहना है कि गोलियाँ लगने से वे मौत की नींद सो गईं। आत्मघाती हमले में 30 लोगों के मारे जाने और 50 लोगों के घायल होने का समाचार है।
बुलेट प्रूफ कार में सवार थीं : बेनजीर की लियाकतबाग में विशाल चुनावी रैली का आयोजन किया गया था। शाम को वे रैली को संबोधित करने के बाद मंच से उतरीं, लेकिन कौन जानता था कि मौत उनका इंतजार कर रही है।
नीले रंग का सूट पहने बेनजीर सफेद रंग की लैंडक्रूजर बुलेट प्रूफ कार में सवार हुईं। रैली का काफिला आगे बढ़ गया। कुछ दूर चलने के बाद उन्होंने अपनी कार का शीशा नीचा किया, ताकि वे लोगों का अभिवादन स्वीकार कर सकें।
तभी अचानक घात लगाए मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने उन पर गोलियाँ चला दीं। यदि कार के शीशे चढ़े होते तो हो सकता था कि हादसा टल जाता। जब हमलावर गोलियाँ चला रहे थे, बेनजीर की पाटी के सुरक्षा गार्ड उनकी ओर बढ़े, तभी उन्होंने खुद को गोली से उड़ा लिया।
घायल बेनजीर जमीन पर पड़ी रहीं : मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने एके 47 से बेनजीर पर गोलियाँ बरसाईं और इसके बाद खुद को उड़ा लिया। हमलावरों के पास कुल 4 किलोग्राम विस्फोटक था। बताया जाता है कि बेनजीर के सीने, सिर और गले पर गोलियाँ लगीं।
बेनजीर पर कुल 5 गोलियाँ दागी गई थीं। घायल बेनजीर जमीन पर 10 मिनट तक बेजार-सी जमीन पड़ी रहीं। कोई और बम फट न जाए, इसकी आशंका के कारण कोई उनके पास नहीं जा रहा था।
व्हीलचेयर पर अस्पताल ले जाया गया : दर्दनाक घटना के बाद बेनजीर को अस्पताल ले जाने के लिए कोई वाहन नहीं था। वजह यह थी कि विस्फोट के बाद उनके साथ चल रहे वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। कुछ मिनट बाद उन्हें व्हीलचेयर पर लियाकतबाग के सिविल अस्पताल पहुँचाया गया।
तीस मिनट तक चला इलाज : जब बेनजीर खून से लथपथ स्थिति में अस्पताल पहुँचीं तो नीम बेहोशी की हालत में थीं। डॉक्टरों ने 30 मिनट तक उनका इलाज किया, लेकिन अधिक खून बहने की वजह से उन्हें सर्जरी के दौरान बचाया नहीं जा सका। भारतीय समयानुसार शाम 6 बजकर 16 मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पाक की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं बेनजीर : कराची में 21 जून 1953 में जन्मी बेनजीर भुट्टो दो मर्तबा पाकिस्तान की प्रधानमंत्री बनीं। वे पाक की पहली महिला थीं, जिन्हें प्रधानमंत्री बनने का गौरव प्राप्त हुआ था।
हावर्ड और ऑक्सफोर्ड से शिक्षा प्राप्त करने वाली बेनजीर का निकाह आसिफ अली जरदारी से 1982 में हुआ था। वे स्वनिर्वासन के बाद 18 अक्टूबर को ही दोबारा पाकिस्तान लौटी थीं। जिस दिन वे लौटी थीं, उस दिन भी एक रैली में भीषण विस्फोट हुआ था, जिसमें 150 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
आसिफ जरदारी पाकिस्तान लौटेंगे : बेनजीर के पति आसिफ अली जरदारी फिलहाल विदेश में हैं और उनके दुबई से देर रात तक स्वदेश लौटने की खबर है। इस घटना के बारे में अभी तक उनकी ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। दुबई में उन्होंने इतना ही कहा कि मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा है कि बेनजीर अब इस दुनिया में नहीं रहीं।
नवाज शरीफ की प्रतिक्रिया : पाकिस्तान के भूतपूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इन हालातों के लिए राष्ट्रपति मुशर्रफ को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि बेनजीर की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। मेरी आज शाम को ही उनसे मुलाकात होने वाली थी, जो अब अधूरी रह गई। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि ऐसे मुश्किल हालातों में देश में निष्पक्ष चुनाव होंगे।
मुशर्रफ का बयान : पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने बेनजीर भुट्टो की आत्मघाती हमले में हत्या की कड़ी निंदा करते हुए जनता से संयम बरतने की अपील की। मुशर्रफ ने श्रीमती भुट्टो की हत्या के तुरंत बाद एक उच्च स्तरीय आपात बैठक बुलाई। बैठक में कार्यवाहक प्रधानमंत्री मोहम्मद मियाँ सूमरो भी मौजूद थे। राष्ट्रपति ने जनता से संयम बरतने का आह्वान किया और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का अपना संकल्प दोहराया।
भारत की प्रतिक्रिया : बेनजीर की हत्या के बाद प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र पर करारा झटका है। प्रतिपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने भी इस घटना पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि यह न केवल पाकिस्तान के लोकतंत्र पर बल्कि भारत के लिए भी खतरा है।
हत्या स्तब्धकारी : विदेशमंत्री प्रणब मुखर्जी ने बेनजीर की हत्या को स्तब्धकारी बताया है। मुखर्जी ने कहा कि 'इससे हमें गहरा धक्का लगा है। हम दु:खी हैं। हमारे पास कहने के लिए शब्द नहीं हैं। विदेश राज्यमंत्री आनंद शर्मा ने भी श्रीमती भुट्टो की हत्या को स्तब्धकारी और भयावह घटना बताया।
भुट्टो की हत्या की निंदा बेनजीर की हत्या : आपकी प्रतिक्रिया बेनजीर के जीवन के अहम पड़ाव बेनजीर को सेना ने मारा-आसमाँ डॉटर ऑफ ईस्ट नहीं रहीं... समूचे पाकिस्तान में हालात बेकाबू बुश ने बेनजीर की हत्या की निंदा की
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