जिन युवाओं ने बाबा को सदा लेटे हुए ही देखा- कसरावद या आनंदवन की उनकी कुटिया में या किसी मंच पर, शायद ही कभी अंदाज लगा पाए होंगे कि यह शख्स जब खड़ा रहा करता था तब क्या कहर ढाता था। अपनी युवावस्था में धनी जमींदार का यह बेटा तेज कार चलाने और हॉलीवुड की फिल्म देखने का शौकीन था। अँगरेजी फिल्मों पर लिखी उनकी समीक्षाएँ इतनी दमदार हुआ करती थीं कि एक बार अमेरिकी अभिनेत्री नोर्मा शियरर ने भी उन्हें पत्र लिखकर दाद दी, लेकिन जब कुष्ठरोगियों की पीड़ा देखकर बाबा ने अपना घर छोड़ा तो वे सारी...