जेन के खातों की जाँच के लिए बीएसएनएल से संपर्क करेगी ववासी
नई दिल्ली, कई क्षेत्रों में कारोबार करने वाली दिल्ली की कंपनी ववासी समूह ने कहा है कि वह कुवैत की जेन टेलीकॉम के खातों और परिसंपत्तियों आदि की जाँच के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की बीएसएनएल तथा एमटीएनएल से संपर्क करेगी।
ववासी ने यह दावा ऐसे समय किया है जब इस तरह की खबरें आ रही थीं कि सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियाँ सभवत: कंसोर्टियम का हिस्सा नहीं बनेंगी।
ववासी के प्रबंध निदेशक फरीद अफरुद्दीन ने प्रेट्र से कहा, ‘हम अगले सप्ताह से जेन के खातों की जाँच का काम शुरू करेंगे। हम बीएसएनएल तथा एमटीएनएल को इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पत्र लिखेंगे।’ इस बारे में बीएसएनएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक कुलदीप गोयल से संपर्क नहीं हो पाया।
यह पूछे जाने पर कि यदि दोनों कंपनियों ने कोई जवाब नहीं दिया, अफरुद्दीन ने कहा कि हमने सभी विकल्प खुले रखे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि ववासी कुवैती कंपनी में 46 फीसद की हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए भारत की निजी क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों से संपर्क कर सकती है।
उन्होंने बताया कि ववासी ने जेन टेलीकॉम के साथ 8 सितंबर को लेनदेन करार किया था। करार की एक शर्त यह है कि ववासी किसी दूरसंचार ऑपरेटर की तलाश करेगी। इसी वजह से ववासी ने बीएसएनएल तथा एमटीएनएल से संपर्क किया है। करार की अवधि अगले साल जनवरी की शुरुआत तक है।
सौदे के तहत जईन के शेयरधारक कंसोर्टियम को प्रति शेयर दो दीनार प्रति (6.97 डॉलर) की दर पर 46 फीसद हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव किया है। इस तरह यह सौदा 13.7 अरब डॉलर होगा। बीएसएनएल पहले ही इस सौदे को महँगा करार दे चुकी है। इस बारे में पूछे जाने पर अफरुद्दीन ने कहा कि सही मूल्यांकन खातों की जाँच पूरी होने के बाद ही हो पाएगा। कंपनी की वेबसाइट पर कहा गया है कि ववासी समूह कई क्षेत्रों मसलन दूरसंचार तथा अक्षय ऊर्जा क्षेत्रों में कार्यरत है।
कंपनी ने भारत में देश भर में मोबाइल सेवा के लिए एक अक्तूबर, 2007 को आवेदन किया था। लेकिन अभी तक उसे लाइसेंस नहीं मिला है। (भाषा)