नई दिल्ली, भारत में टेलीफोन ग्राहकों का आँकड़ा 50 करोड़ को पार कर गया है। इस लक्ष्य को निर्धारित समय से करीब 15 माह पहले हासिल कर लिया गया है।
भारत ने 2010 के अंत तक 50 करोड़ के आँकड़े को पार करने का लक्ष्य रखा था। लेकिन इस साल फरवरी में ही यह लक्ष्य हासिल हो गया है। सितंबर माह के अंत तक देश में टेलीफोन ग्राहकों का आंकड़ा 50.903 करोड़ पर पहुंच गया है, जबकि अगस्त में यह 49.407 करोड़ था। दूरसंचार नियामक ट्राई ने आज कहा कि 2010 के अंत तक 50 करोड़ टेलीफोन ग्राहकों का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन यह लक्ष्य सितंबर, 2009 में ही पूरा हो गया है।
भारत में अब फोन घनत्व 43.50 प्रतिशत हो गया है। देश की आबादी 1.20 अरब है। देश में मोबाइल फोन धारकों की संख्या 40.31 करोड़ पर पहुँच गई है। अगस्त में मोबाइल आपरेटरों ने 1.51 करोड़ नए ग्राहक जोड़े थे।
मोबाइल फोन बाजार के रूप में भारत दुनिया में सिर्फ चीन से पीछे है। चीन में मोबाइल फोनधारकों की संख्या 60 करोड़ है। भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ता मोबाइल फोन बाजार है।
भारती एयरटेल, वोडाफोन एस्सार तथा टाटा टेलीसर्विसेज जैसी मोबाइल कंपनियां ग्राहकों को लुभाने के लिए तरह-तरह की पेशकश कर रही हैं। भारत में कॉल दरें निचले स्तर पर पहुँच चुकी हैं। यही वजह है कि यहाँ मोबाइल फोन धारकों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है।
विश्लेषकों का कहना है कि आपरेटर द्वारा हाल में जो प्रति सेकेंड की काल दर की पेशकश की गई है उससे ग्राहकों की संख्या में और तेजी इजाफा होगा।