नई दिल्ली, दिल्ली उच्च न्यायालय ने सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट इंडिया की उस याचिका को आज खारिज कर दिया जिसमें एक न्यायाधिकरण के आदेश को चुनौती दी गई थी। कथित सेवाकर चोरी के मामले में न्यायाधिकरण ने कंपनी को 70 करोड़ रुपए जमा करने का आदेश दिया था।
न्यायमूर्ति ए.के. सिकरी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की पीठ ने माइक्रोसॉफ्ट इंडिया को चार सप्ताह के भीतर सीमा, उत्पाद शुल्क एवं सेवाकर अपीलीय न्यायाधिकरण (सेसटैट) में उक्त राशि जमा करने का आदेश दिया।
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा, ‘न्याय की प्रक्रिया में हमें लगता है कि यह ऐसा मामला नहीं है जहाँ किसी को सेसटैट के आदेश में हस्तक्षेप करना चाहिए। इसलिए यह याचिका खारिज की जाती है। हालाँकि हम याचिकाकर्ता को रकम जमा करने के लिए चार सप्ताह का समय देते हैं।’ उल्लेखनीय है कि सेवाकर विभाग ने कथित कर चोरी के लिए सितंबर, 2008 में माइक्रोसॉफ्ट इंडिया को नोटिस जारी कर 400 करोड़ रुपए जमा करने को कहा था जिसमें 255 करोड़ रुपए शुल्क एवं इस पर तीन वर्ष का ब्याज शामिल था।
कंपनी ने सिंगापुर में अपनी सहयोगी कंपनी को सेवाएँ उपलब्ध कराने में कथित तौर पर यह कर चोरी की थी। कर विभाग की इस नोटिस को कंपनी ने सेसटैट में चुनौती दी और न्यायाधिकरण ने 31 जुलाई, 2009 को आईटी कंपनी को 70 करोड़ रुपए जमा करने और शेष राशि मामले का निपटान होने के बाद जमा करने को कहा था।