ओबामा द्वारा आउउटसोर्सिंग पर शिकंजा कसे जाने से वहाँ की आईटी कंपनियों में भारी असंतोष व्याप्त हैं। इसी कारण आईबीएम और मोटोरोला जैसी बड़ी कंपनियों ने पिछली सरकार के अर्थशास्त्रियों को नई अर्थनीति से लड़ने के लिए लामबंद कर लिया है।
टेक्नोलॉजी सीईओ काउंसिल ने पूर्व शीर्ष वाणिज्यिक अधिकारी रॉबर्ट जे शॉपियो को नियुक्त किया। उन्होंने एक रिपोर्ट लिखी है जिसमें ओबामा की नीति लागू किए जाने पर नौकरियों में कमी होने की आशंका व्यक्त की गई है। रिपोर्ट की समीक्षा करने वाले अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इससे विदेशी संचालनों से होने वाली आय में कमी आएगी और अमेरिका में नौकरियों की भी कमी हो सकती है।
ओबामा प्रशासन ने हाल ही में सरकार से वित्तीय मदद हासिल करने वाली कंपनियों के वीजाधारक पेशेवरों की नियुक्ति पर रोक लगा दी है। साथ ही सरकार ने घोषणा की है कि विदेश में रोजगार सृजन करने वाली कंपनियों को कर रियायतें खत्म करने की योजना है।
प्रशासन का मानना है कि वर्तमान नीति से विदेशों में रोजगार मिलेगा जबकि यूएस की बहुराष्ट्रीय कंपनियों का विचार इसके ठीक विपरीत है। |