गरिमा माहेश्वरी कम्प्यूटर में वायरस आ जाना या वायरस की वजह से कम्प्यूटर का डाटा नष्ट हो जाना !! अब यह खबरें हम सबके लिए आम बातें हो चुकी हैं कि किस तरह वायरस रूपी प्रोग्राम का उपयोग करके कम्प्यूटर से जानकारियाँ हासिल की जा सकती हैं।
अब यह वायरस अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र की कम्प्युटर प्रणाली पर पहुँच उस पर कब्जा जमा चुका है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र नासा और यूरोपियन स्पेस एजेंसी की संयुक्त परियोजना है।
इस वायरस के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र होने की खबर सबसे पहले स्पेसरेफ डॉट कॉम नामक वेबसाइट पर दी गई थी। यह वेबसाइट अंतरिक्ष के बारे में जानकारी प्रदान करती है।
नासा के अनुसार यह वायरस उस लैपटॉप के जरिए वहाँ पहुँचा है, जिसे जुलाई में धरती से ले जाया गया था। यह वायरस अंतरिक्ष यात्रियों के लैपटॉप में था, जिसे वे अपने साथ अंतरिक्ष कार्यक्रमों में ले गए थे। यह वायरस अधिकतर कम्युटर गेम्स में पाया जाता है। | | कम्प्यूटर में वायरस आ जाना या वायरस की वजह से कम्प्यूटर का डाटा नष्ट हो जाना !! अब यह खबरें हम सबके लिए आम बातें हो चुकी हैं कि किस तरह वायरस रूपी प्रोग्राम का उपयोग करके कम्प्यूटर से जानकारियाँ हासिल की जा सकती हैं।
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हालाँकि इस वायरस को 25 जुलाई को निष्क्रिय कर दिया गया है। इस वायरस की पहचान ‘डब्ल्यू32.गैमिमा.ऐजी’ नामक वायरस के रूप में हुई है। यह वायरस कम्प्यूटर में अपनी कॉपी बनाकर कार्य करता है। ‘गैमिमा.ऐजी’ वायरस कम्प्यूटर पर मौजूद ऑनलाईन गेमिंग की लॉगिन जानकारियों को हासिल कर लेता है।
नासा के अनुसार यह कोई पहली बार नहीं कि इस तरह के वायरस की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र में होने की पुष्टि हुई हो।
अंतरिक्ष केंद्र में यह वायरस जिस लैपटॉप पर पाया गया है, वह लैपटॉप अंतरिक्ष यात्री धरती पर संदेश भेजने और धरती से संदेश प्राप्त करने के लिए उपयोग किया करते थे।
यह लैपटॉप केंद्र की कार्यप्रणाली का हिस्सा नहीं थे, इसलिए केंद्र के लिए हानिकारक नहीं है।
अंतरिक्ष केंद्र पर ले जाए गए लैपटॉप में एंटी वायरस सॉफ्टवेअर का ना होना इस घटना का एक कारण माना जा रहा है। ऐसा भी माना जा रहा है कि यह वायरस अंतरिक्ष यात्रियों के द्वारा प्रयोग की जाने वाली मेमोरी डिवाइस से भी लैपटॉप तक पहुँच सकता है।
अंतरिक्ष केंद्र में मौजूद लैपटॉप किसी इंटरनेट कनेक्टिविटी से जुडे नहीं हैं। यह एक सेटेलाइट लिंक के माध्यम से संदेश भेजते हैं।
नासा के प्रवक्ता केली हम्फ्रिज ने कहा ‘कि वायरस का अंतरिक्ष केन्द्र की प्रक्रियाओं पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ेगा।‘
यह वायरस अंतरिक्ष केंद्र तक कैसे पहुँचा? इस सवाल का जवाब नासा फिलहाल तलाशने की कोशिश में है।
इस खबर से यह साफ है कि जिस तेजी से हम तकनीकी विकास कर रहे हैं, उससे दुगुनी तेजी से तकनीकी अपराध भी बढ़ रहे हैं।
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