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माइक्रोसॉफ्ट और भारत में कम्प्यूटिंग विकास
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विश्व की प्रख्यात सॉफ्टवेयर निर्माता कंपनी माइक्रोसॉफ्ट अब भारत और दूसरे देशों में कम्प्यूटर के ज़्यादा से ज़्यादा उपयोग को बढ़ावा देगी। कंपनी नई तकनीकों के माध्यम से भारत में कम्प्यूटर के प्रयोग का प्रचलन बढ़ाना चाहती है।

माइक्रोसॉफ्ट के डेवलपर डिवीजन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एस. सोमासेगर ने कंपनी के सफलतापूर्वक 10 साल पूरे होने पर हैदराबाद में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेन्स में कहा कि ‘पूरे विश्व में करीब 1.1 बिलियन कम्प्यूटर स्थापित हो चूके हैं लेकिन अभी भी इस क्षेत्र में अवसर बाकी हैं

भारत में कार्यरत माइक्रोसॉफ्ट इंडिया डेवलपमेंट सेंटर, अमेरिका स्थित रेडमंड हेडक्वार्टर के बाद विश्व का दूसरा बड़ा केंद्र है। यही सेंटर भारत और दूसरे स्थानों में कम्प्यूटर के उपयोग को बढ़ाने में सहयोग करेगा। इसके लिए पर्सनल कम्प्यूटर, मोबाइल, टेलीविज़न और दूसरे कई उपकरणों को माध्यम बनाया जाएगा।
  विश्व की प्रख्यात सॉफ्टवेयर निर्माता कंपनी माइक्रोसॉफ्ट अब भारत और दूसरे देशों में कम्प्यूटर के ज़्यादा से ज़्यादा उपयोग को बढ़ावा देगी। कंपनी नई तकनीकों के माध्यम से भारत में कम्प्यूटर के प्रयोग का प्रचलन बढ़ाना चाहती है। माइक्रोसॉफ्ट के डेवलपर ड      


कंपनी के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक स्रिनी कोपालू के अनुसार ‘खरीदने की क्षमता, इच्छा, उपयोग करने में आसानी और स्थानीय भाषा का प्रयोग, ये कुछ ऐसी बातें हैं जिनसे कम्प्यूटर का प्रचलन बढ़ाने में सहायता मिलेगी। हम इन्हीं को ध्यान में रखकर कार्य कर रहे हैं।

इस प्रख्यात कंपनी ने अपनी शुरुआत 20 लोगों के साथ की थी और आज इसके भारतीय केंद्र में लगभग 1,500 लोग कार्यरत हैं।

एमएसआईडीसी ने पिछले 4 सालों में 220 पेटेंट फाइल किए हैं। इस केंद्र के द्वारा निर्मित उत्पादों में शामिल हैं - डाटा प्रोटेक्शन मैनेजर 2007, विजुअल स्टूडियो, जेस्क्रिप्ट आदि।
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